अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक नई उम्मीद जगी है। खबरों के मुताबिक, दोनों देश गुरुवार, 16 अप्रैल को फिर से बातचीत कर सकते हैं। यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है और दोनों देशों के बीच माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।

पिछले दौर की बातचीत क्यों नाकाम रही

11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों की मीटिंग हुई थी। अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति J.D. Vance कर रहे थे। अमेरिका ने ईरान के सामने कुछ शर्तें रखी थीं, जिन्हें ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। मुख्य विवाद यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण को लेकर था। ईरान ने कहा कि अमेरिका उनके भरोसे पर खरा नहीं उतरा।

नेवल ब्लॉकेड और ईरान का सख्त जवाब

बातचीत टूटने के बाद 13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों पर नेवल ब्लॉकेड लगा दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले सभी जहाजों पर पाबंदी रहेगी। ईरान ने इस कदम को गैरकानूनी बताया है और अपनी सेना को अधिकतम अलर्ट पर रखा है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

किन मुख्य बातों पर फंसा है विवाद

दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर गहरी असहमति है, जिसकी वजह से अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। मुख्य विवाद की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

मुख्य मुद्दा अमेरिका की मांग ईरान का पक्ष
परमाणु कार्यक्रम यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद हो शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम का अधिकार
समुद्री रास्ता Strait of Hormuz बिना टोल खुला रहे रास्ते पर अपना नियंत्रण बरकरार रखना
मिलिटेंट ग्रुप संबद्ध समूहों की फंडिंग बंद हो रणनीतिक हितों का मामला
परमाणु सुविधाएं बड़ी संवर्धन सुविधाओं को खत्म करना सुविधाओं को हटाने से इनकार
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com