दुनिया भर के बाजारों में हलचल मची है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बिगड़ गई है। इस वजह से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है और Brent Crude 106 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। अगर दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हुआ तो इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत में क्यों आई रुकावट?
11 मई 2026 को ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने की बात कही गई थी। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया और इसे अनुचित बताया। दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने और युद्ध के नुकसान की भरपाई को लेकर है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव वाजिब और उदार था लेकिन अमेरिका अब भी नाजायज मांगें कर रहा है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि वे किसी भी समझौते के लिए तैयार हैं बशर्ते वह देश के हित में हो।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखीं?
ईरान ने अपनी मांगों में कुछ मुख्य बातें रखी थीं ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे:
- सभी मोर्चों पर युद्ध का तुरंत अंत हो।
- ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं।
- ईरान की जमी हुई संपत्तियां वापस की जाएं।
- Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो और इसका प्रबंधन ईरान के पास रहे।
- नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी खत्म की जाए।
दूसरी तरफ IRGC कमांडर Major General Mohammad Ali Jafari ने साफ कर दिया कि जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होंगी तब तक अमेरिका के साथ बातचीत संभव नहीं है।
तेल की कीमतों और बाजार पर क्या असर पड़ा?
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में डर का माहौल है। इस वजह से कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। Brent Crude की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Strait of Hormuz का काफी हद तक बंद रहना और कूटनीतिक विफलता तेल की कीमतों को और ऊपर ले जा सकती है। इसी बीच IAEA ने रिपोर्ट दी है कि ईरान के पास 400 किलो से ज्यादा संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक जमा हो गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कच्चे तेल की कीमतें अचानक क्यों बढ़ गईं?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत विफल हो गई है। इस तनाव और Strait of Hormuz के बंद रहने की आशंका के कारण तेल की कीमतें 3% बढ़कर 106 डॉलर के पार चली गई हैं।
अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?
राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रस्ताव को अनुचित और अस्वीकार्य बताया। मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने और युद्ध के नुकसान के हर्जाने को लेकर है।
