अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का नया दौर जल्द शुरू हो सकता है. यह मुलाकात अगले दो दिनों के अंदर पाकिस्तान में होने की संभावना है. इससे पहले दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था. अब पूरी दुनिया की नज़रें पाकिस्तान पर टिकी हैं कि क्या इस बार कोई समझौता हो पाएगा.

बातचीत में क्या है मुख्य मुद्दा और अब तक क्या हुआ?

अमेरिका और ईरान के बीच 11 और 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इन बातचीत को अच्छा बताया लेकिन कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी साफ़ किया कि परमाणु हथियार न बनाने की शर्त पर ईरान सहमत नहीं हुआ, जिस वजह से पहला दौर बिना किसी समझौते के खत्म हो गया.

इस पूरे मामले की मुख्य जानकारियां क्या हैं?

तारीख / देश मुख्य अपडेट
8 अप्रैल 2026 सऊदी अरब ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम का स्वागत किया.
11-12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत हुई.
14 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रम्प ने अगले दो दिनों में फिर से बातचीत का संकेत दिया.
पाकिस्तान बिचौलिये की भूमिका निभा रहा है और दूसरे दौर की मेजबानी का प्रस्ताव दिया है.
सऊदी अरब पाकिस्तान की कोशिशों का समर्थन किया और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की मांग की.
तुर्की अमेरिका और ईरान के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश कर रहा है.
इज़राइल इज़राइली अनुमान है कि समझौते के बजाय युद्ध की संभावना ज़्यादा है.

आगे क्या हो सकता है और अन्य देशों का क्या कहना है?

डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान समय सीमा के अंदर शर्तें नहीं मानता, तो वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य की समुद्री नाकाबंदी कर सकते हैं. वहीं पाकिस्तान के राजनयिक उम्मीद जता रहे हैं कि युद्ध विराम को आगे बढ़ाया जाएगा और एक स्थायी समझौता होगा. ईरान की तरफ से अभी कोई तय तारीख नहीं आई है, लेकिन उनके अधिकारी बातचीत के लिए उपलब्ध हैं.