अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ी पहल की है. पाकिस्तान ने दोनों देशों की टीमों के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए विशेषज्ञों (experts) की एक टीम तैयार की है. यह बैठक इस्लामाबाद के एक सैन्य इलाके में होगी, जहां परमाणु मुद्दे और समुद्री रास्तों जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी.

🚨: ईरान ने चीन से मांगी मदद, अमेरिका के साथ बातचीत में गारंटी बनने की अपील, कल पाकिस्तान में शुरू होगी बैठक

बातचीत में कौन शामिल होगा और क्या है मुख्य एजेंडा?

इस हाई-लेवल मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance टीम का नेतृत्व करेंगे, जिनके साथ Special Envoy Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हैं. ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araqchi बातचीत का नेतृत्व करेंगे. यह पूरी चर्चा ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई है.

पाकिस्तान की भूमिका और बैठक की तैयारी क्या है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है. प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना के बड़े अधिकारियों ने दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए काफी राजनयिक प्रयास किए हैं. यह बैठक 10 अप्रैल 2026 से शुरू होनी तय हुई थी, जिसे पाकिस्तानी सेना की कड़ी सुरक्षा के बीच एक मिलिट्री लोकेशन पर आयोजित किया गया है.

सीजफायर और मौजूदा क्षेत्रीय हालात क्या हैं?

दोनों देशों के बीच फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर (ceasefire) चल रहा है, जिसे राष्ट्रपति Donald Trump ने बातचीत के लिए एक काम करने योग्य आधार बताया है. हालांकि, लेबनान पर इजरायली हमलों और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद करने की वजह से स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है. तुर्की के राष्ट्रपति ने भी इस बातचीत को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी बताया है.

पक्ष प्रमुख प्रतिनिधि
अमेरिका (USA) JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरान (Iran) Mohammad Baqer Qalibaf, Abbas Araqchi, Mohammad Eslami
मध्यस्थ (Host) पाकिस्तान (Shehbaz Sharif और सैन्य नेतृत्व)