US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत से पाकिस्तान हुआ नाराज, आखिरी समय पर ईरान के पीछे हटने से बढ़ी टेंशन
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति लाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था, लेकिन अब हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत का दूसरा दौर होना था, लेकिन ईरान के अनिश्चित रवैये ने पाकिस्तान को काफी नाराज कर दिया है। इस वजह से दोनों देशों के बीच शांति समझौते की कोशिशों पर अब संकट मंडरा रहा है।
पाकिस्तान क्यों है ईरान से नाराज?
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने के लिए काफी इंतजाम किए थे। 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहली बैठक हुई थी, लेकिन उसमें कोई समझौता नहीं हो पाया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री ईशाक डार को उम्मीद थी कि दूसरी बैठक में बात बन जाएगी। लेकिन ईरान ने आखिरी समय तक आने की पक्की पुष्टि नहीं की, जिससे पाकिस्तान के राजनयिक काफी निराश हुए।
ईरान ने बातचीत में आने से क्यों किया इनकार?
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन किया है। ईरान के मुताबिक अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी और एक ईरानी टैंकर को जब्त कर लिया। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि वे धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेंगे। ईरान अब इस मुद्दे पर अपनी नई रणनीति तैयार करने की बात कर रहा है।
अब आगे क्या होगा और अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्धविराम की समय सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान की नाकेबंदी जारी रहेगी। ईरान की तरफ से कन्फर्मेशन न मिलने के कारण अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance की इस्लामाबाद यात्रा को भी फिलहाल रोक दिया गया है।