US-Iran Talks: पाकिस्तान पहुंचा अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल, ईरान के साथ फिर होगी बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर कोशिशें शुरू हो गई हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच चुका है। यहां दोनों देशों के बीच बातचीत के नए दौर की तैयारी की जा रही है ताकि पुराने विवादों को सुलझाया जा सके और किसी समझौते पर पहुंचा जा सके।
🚨: Trump का बड़ा फैसला, ईरान से बातचीत के लिए Envoy भेजेंगे पाकिस्तान, मंगलवार को होगी अहम मीटिंग।
पाकिस्तान में क्यों आया अमेरिकी दल?
अमेरिकी टीम 19 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद पहुंची है। उनका मुख्य मकसद ईरान के साथ बातचीत के दूसरे दौर की तैयारी करना है, जो सोमवार को आयोजित किया जा सकता है। इससे पहले दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था, इसलिए अब दोबारा प्रयास किया जा रहा है।
पिछली बातचीत क्यों रही नाकाम?
10 से 12 अप्रैल 2026 के बीच इस्लामाबाद में पहली बैठक हुई थी। करीब 21 घंटे चली इस चर्चा के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई थी। अमेरिका के जेडी वेंस ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की शर्तों को मानने को तैयार नहीं था। वहीं ईरान के सरकारी टीवी ने कहा कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और अव्यावहारिक थीं, जिसकी वजह से बातचीत टूट गई।
कौन लोग ले रहे हैं हिस्सा और क्या है भूमिका?
इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और जनरल आसिम मुनीर की कोशिशों की अमेरिका और पाकिस्तान दोनों तरफ से तारीफ हुई है। सऊदी अरब ने भी इस मध्यस्थता का समर्थन किया है। बातचीत की मुख्य जानकारियां नीचे टेबल में दी गई हैं:
| तारीख | घटना/अपडेट | मुख्य व्यक्ति/देश |
|---|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | सीज़फायर का स्वागत और समर्थन | सऊदी अरब |
| 10-12 अप्रैल 2026 | बातचीत का पहला दौर (नाकाम) | जेडी वेंस, मोहम्मद बाकर कालिबाफ |
| 16 अप्रैल 2026 | प्रगति का दावा और जल्द समझौते की उम्मीद | डोनाल्ड ट्रम्प |
| 19 अप्रैल 2026 | दूसरे दौर की तैयारी के लिए इस्लामाबाद आगमन | अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल |
अमेरिकी टीम में जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं। ईरान की तरफ से संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे बड़े अधिकारी इस बातचीत का हिस्सा बन रहे हैं।