अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को फिलहाल रोक दिया है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश में जुटा है। खाड़ी देशों के हस्तक्षेप के बाद अब कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों रोका?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 18 मई 2026 को घोषणा की कि उन्होंने ईरान पर हमले का फैसला टाल दिया है। उन्होंने बताया कि कतर, सऊदी अरब और यूएई के नेताओं ने उनसे अनुरोध किया था कि सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते की सबसे बड़ी शर्त यह होगी कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अब ईरान से और अधिक रियायतों की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।
ईरान और पाकिस्तान की क्या शर्तें हैं?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने पुष्टि की है कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपने शांति प्रस्ताव भेजे हैं। ईरान की मांग है कि पहले युद्ध को खत्म किया जाए और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं, उसके बाद ही परमाणु मुद्दे पर चर्चा होगी। वहीं, पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि वह दोनों पक्षों के बीच बातचीत करा रहे हैं, लेकिन दोनों देश अपनी शर्तें बार-बार बदल रहे हैं, जिससे समय कम होता जा रहा है और समझौता करना मुश्किल हो रहा है।
ईरान के अंदरूनी हालात और अन्य देशों का प्रभाव
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देश के भीतर विरोध कर रहे कट्टरपंथियों के सामने बातचीत का बचाव किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि युद्ध और आर्थिक दबाव के कारण देश को काफी नुकसान हुआ है। इस बीच, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच भी होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अमेरिका-ईरान विवाद पर चर्चा हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है?
अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। अमेरिका चाहता है कि परमाणु मुद्दे सहित सभी मसलों पर एक साथ डील हो, जबकि ईरान पहले युद्ध खत्म करना चाहता है।
इस विवाद में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान दोनों देशों के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और ईरान के शांति प्रस्तावों को अमेरिका तक पहुँचा रहा है।
