अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तकनीकी बातचीत में अचानक रुकावट आ गई है. यह मीटिंग स्विट्जरलैंड के बर्गेंस्टॉक में एक लग्जरी होटल में हो रही है. हालांकि बातचीत की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच संपर्क अभी भी बना हुआ है ताकि डिप्लोमैटिक कोशिशें पूरी तरह खत्म न हों.

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क्या है पूरा मामला

खबरों के मुताबिक, रविवार 21 जून 2026 को चल रही इन चर्चाओं में कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों की वजह से ईरानी प्रतिनिधिमंडल थोड़ी देर के लिए मीटिंग छोड़कर चला गया था, लेकिन बातचीत में शामिल एक राजनयिक ने इस बात से इनकार किया है और बताया कि चर्चाएं अभी भी जारी हैं.

14 पॉइंट का समझौता और शर्तें

बता दें कि 18 जून 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के बीच एक 14 पॉइंट का समझौता (MoU) इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन हुआ था. इस समझौते में मुख्य रूप से ये बातें शामिल थीं:

  • सैन्य कार्रवाई: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकना.
  • व्यापार: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू करना.
  • आर्थिक राहत: ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना और आर्थिक प्रोत्साहन देना.
  • परमाणु डील: दोनों देशों ने अगले 60 दिनों के भीतर परमाणु कार्यक्रम पर अंतिम समझौता करने की प्रतिबद्धता जताई है.

कौन-कौन शामिल है मीटिंग में

अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जिनके साथ स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मौजूद हैं. ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची बातचीत कर रहे हैं. इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ असीम मुनीर और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमन बिन् जासिम अल थानी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. स्विट्जरलैंड के फेडरल काउंसिलर इग्नाज़ियो कासिस इस मीटिंग की मेजबानी कर रहे हैं.

नेताओं के बयान और ताजा स्थिति

उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि उनका मकसद मिडिल ईस्ट की स्थिति को बदलना है. उन्होंने पिछले कुछ घंटों में हुई प्रगति पर खुशी जताई और उम्मीद जताई कि संबंध बेहतर होंगे. वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतने की चेतावनी दी है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाए ने साफ किया कि अंतिम समझौता तभी होगा जब लेबनान में युद्धविराम और तेल निर्यात जैसे समझौते की शर्तों को लागू किया जाएगा. दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लेबनान में ईरान के समर्थकों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने परेशानी पैदा की तो अमेरिका फिर से बमबारी कर सकता है.

ताजा अपडेट यह है कि अमेरिका ने ईरान की नाकाबंदी हटा ली है, जिससे अब तेल टैंकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से आसानी से निकल पा रहे हैं. यह कदम उस अस्थायी समझौते का नतीजा है जो दोनों देशों के बीच हुआ था.