अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब कम होता दिख रहा है। दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर जारी है और कूटनीतिक हलकों में इसे लेकर काफी चर्चा है। हालांकि कोई बड़ा समझौता तुरंत होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन दोनों देशों ने अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाई है। पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है जिससे एक समझौते की उम्मीद जगी है।

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इस संभावित समझौते में क्या खास शर्तें शामिल हैं?

दोनों देशों के बीच चल रही इस बातचीत में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है, जो इस प्रकार हैं:

  • प्रस्तावित समझौते के अनुसार ईरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का स्टॉक छोड़ना होगा। इस प्रक्रिया को 60 दिनों के भीतर पूरा करने पर चर्चा चल रही है, जिसके तहत यूरेनियम को रूस जैसे किसी तीसरे देश में भेजा जा सकता है।
  • इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा और धीरे-धीरे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए खोला जाएगा।
  • 60 दिनों की इस अवधि में ईरान को प्रतिबंधों से राहत देने और उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस करने पर भी बात होगी।
  • इस सौदे में लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष को समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अधिकारियों का क्या स्टैंड है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी बातचीत पर अपनी राय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ किसी भी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेगा। ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई ठोस समझौता पूरी तरह तैयार और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि मेज पर एक मजबूत प्रस्ताव मौजूद है, लेकिन अमेरिका किसी खराब समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान और एक्सपर्ट्स का इस बातचीत पर क्या कहना है?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका के साथ बातचीत में काफी प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने भी माना कि समझौता तुरंत होने की संभावना नहीं है क्योंकि वाशिंगटन के रुख में थोड़ा बदलाव देखा गया है। वहीं रोम की अमेरिकन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंड्रिया डेसी ने कहा कि बातचीत का माहौल लगातार बदल रहा है और दोनों पक्षों में नरमी आई है, लेकिन अंतिम समझौते में थोड़ा समय लग सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता तुरंत होने वाला है?

दोनों पक्षों की बातचीत आगे बढ़ रही है और माहौल सकारात्मक है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार समझौता तुरंत होने की उम्मीद नहीं है।

इस समझौते में मुख्य शर्तें क्या हैं?

समझौते के तहत ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा, जिसके बदले में अमेरिका प्रतिबंध हटाएगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा।