अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वाशिंगटन इस बातचीत को लेकर उम्मीद में है और इसमें कुछ प्रगति भी हुई है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बनाने की जिद पर अड़ा रहा, तो अमेरिका के पास दूसरा प्लान भी तैयार है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांतिपूर्ण समझौता चाहते हैं लेकिन उनके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

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अमेरिका और ईरान की बातचीत में क्या प्रगति हुई है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में नाटो (NATO) के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद यह बयान दिया। उन्होंने बताया कि बातचीत में थोड़ी प्रगति जरूर हुई है लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है। इस बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारी इस हफ्ते ईरान के नेताओं के साथ तीसरे दौर की बातचीत कर चुके हैं। अमेरिका का मुख्य ध्यान ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने और इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खुला रखने पर है।

Strait of Hormuz को लेकर क्या है विवाद?

सबसे बड़ा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर है। ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने की कोशिश कर रहा है, जिसका दुनिया भर में विरोध हो रहा है। नाटो देशों ने भी बैठक में इस बात पर चर्चा की है कि युद्ध समाप्त होने के बाद इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा में उनकी क्या भूमिका होगी। इसके साथ ही, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी इस बातचीत की गति को लेकर कुछ तनाव की खबरें आई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कौन मध्यस्थता कर रहा है?

इस बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख और गृह मंत्री ने इस संबंध में ईरानी नेताओं से बात की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद क्यों है?

ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण स्थापित करके जहाजों पर टोल सिस्टम लागू करना चाहता है, जिसका अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय देश विरोध कर रहे हैं।