अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को रोक दिया है। यह फैसला कतर, सऊदी अरब और UAE के नेताओं के कहने पर लिया गया है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या बातचीत से मामला सुलझेगा या तनाव और बढ़ेगा।

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ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों रोका और अब क्या होगा?

President Donald Trump ने बताया कि कतर के अमीर, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और UAE के राष्ट्रपति ने उनसे हमला न करने की गुज़ारिश की थी। ट्रंप का कहना है कि गंभीर बातचीत चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि एक ऐसा समझौता होगा जो अमेरिका के लिए सही होगा और जिससे ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि अगर कोई सही समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार है।

कतर और ईरान का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

  • कतर: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने कहा कि बातचीत के लिए और समय चाहिए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है और कतर वाशिंगटन और तेहरान दोनों के संपर्क में है।
  • ईरान: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है। ईरान का कहना है कि उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है। ईरान चाहता है कि उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म हो।

क्या है मौजूदा स्थिति और आगे की राह?

ईरान ने शांति का एक नया प्रस्ताव भेजा था, लेकिन White House ने इसे नाकाफी बताया है। इस बीच G7 देशों के वित्त मंत्री पेरिस में मिले ताकि इस संघर्ष का अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर चर्चा कर सकें। कतर ने साफ किया है कि Strait of Hormuz के रास्ते को कोई भी देश नहीं रोक सकता, क्योंकि यह व्यापार के लिए बहुत जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच कौन मध्यस्थता कर रहा है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में मुख्य भूमिका निभा रहा है।

ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान चाहता है कि अमेरिका उस पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाए, बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करे और भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी दे।