अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर दुनिया के कई देश जुटे हुए हैं। तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने इस मामले पर पाकिस्तान और ईरान के विदेश मंत्रियों से बात की है। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि तनाव को कम किया जा सके और शांति स्थापित हो सके।

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तुर्की, पाकिस्तान और ईरान के बीच क्या चर्चा हुई?

शनिवार, 26 अप्रैल 2026 को तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से अलग-अलग बात की। इस बातचीत का मुख्य केंद्र वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत थी। Hakan Fidan ने बताया कि तुर्की सभी पक्षों के साथ लगभग हर दिन संपर्क में है और उन्हें भरोसा है कि परमाणु मुद्दों से जुड़ी एक या दो बड़ी मुश्किलें सुलझ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शांति समझौते के बाद तुर्की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन हटाने के काम में मदद करने के लिए तैयार है।

अमेरिका और ईरान की बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस समय एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस्लामाबाद के दौरे पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शांति का एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने विशेष दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान का शांति प्रस्ताव काफी तो है लेकिन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।

ईरान की शर्तें और अन्य देशों का क्या कहना है?

  • ईरान की मांग: ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से कहा कि ईरान किसी दबाव या नाकाबंदी के तहत बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने मांग की कि अमेरिका पहले ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जैसी बाधाओं को हटाए।
  • यूरोपीय संघ का रुख: यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने कहा कि बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें मिसाइल क्षमता और अन्य मुद्दों को भी शामिल करना चाहिए।
  • अन्य देश: इस पूरे राजनयिक प्रयास में ओमान और रूस भी शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi अब ओमान और फिर रूस की यात्रा करेंगे।