अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में एक बड़ी प्रगति देखने को मिल रही है। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी स्टीफन मिलर ने दावा किया है कि ईरान ने बातचीत में बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण ढील देने पर सहमति जताई है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक सब कुछ अंतिम रूप से तय नहीं हो जाता, तब तक किसी भी समझौते को पूरा नहीं माना जा सकता। इस बीच दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शुरू करने को लेकर एक अस्थायी सहमति बनने की खबर है।

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच हुआ नया समझौता?

दोनों देशों के बीच 28 मई 2026 को एक अस्थायी समझौता हुआ है जिसके तहत सीजफायर को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत की जाएगी। इस समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से व्यापार के लिए दोबारा खोलने पर भी चर्चा हो रही है जिससे तेल के व्यापार को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिलना अभी बाकी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिया है कि दोनों देश एक बड़े रणनीतिक समझौते के बेहद करीब हैं जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगेगी।

ईरान और व्हाइट हाउस के दावों में कितना अंतर है?

जहां एक तरफ अमेरिकी अधिकारी इस बातचीत को लेकर काफी सकारात्मक दिख रहे हैं, वहीं ईरान की मीडिया ने इस समझौते की खबरों को अभी पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि समझौता पत्र का मसौदा अभी तैयार किया जा रहा है और इसे पूरी तरह अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में तनाव भी देखा गया था, जिसमें कुवैत पर ईरान की ओर से मिसाइल हमले की खबरें आई थीं, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने भी जवाबी रक्षात्मक कार्रवाई की थी। इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर क्या सहमति बनी है?

दोनों देशों के बीच सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर अस्थायी सहमति बनी है, ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में ढील देने पर आगे चर्चा की जा सके।

क्या इस समझौते को अंतिम मंजूरी मिल गई है?

नहीं, अभी इस समझौते के मसौदे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर होना बाकी है और ईरान की तरफ से भी इसे अभी पूरी तरह फाइनल नहीं बताया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.