अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने साफ़ कहा है कि दोनों देशों के बीच कोई भी समझौता तभी हो सकता है जब ईरान अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाए। इस खबर ने दुनिया भर के राजनयिक हलकों में हलचल मचा दी है।

समझौते में क्या रुकावटें आ रही हैं?

राफेल ग्रोसी ने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों देशों के नेता बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन समस्या यह है कि वे शुरुआत कैसे करें और बातचीत का तरीका क्या हो, इस बात पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं। ग्रोसी ने कुछ मुख्य बातें साफ़ की हैं:

  • IAEA की भूमिका: ग्रोसी का कहना है कि किसी भी राजनीतिक समझौते में IAEA द्वारा ईरान के परमाणु केंद्रों की पूरी जाँच शामिल होनी चाहिए।
  • समझौते की वैल्यू: उन्होंने साफ़ किया कि अगर IAEA इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होता है, तो ऐसा कोई भी समझौता बिना किसी मूल्य का या एक भ्रम जैसा होगा।
  • अमेरिका का स्टैंड: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दोहराया है कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है और कोई भी डील ऐसी होनी चाहिए जिससे ईरान भविष्य में कभी भी तेज़ी से हथियार न बना सके।

ईरान की नई शर्त और UN में विवाद क्या है?

हाल के घटनाक्रमों में ईरान ने एक नया प्रस्ताव रखा है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका अपनी नाकाबंदी हटा लेता है और मौजूदा संघर्ष को खत्म करता है, तो वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर लगी पाबंदी हटा देगा। लेकिन इसके बदले में ईरान चाहता है कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली चर्चाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए। ग्रोसी इसे ईरान की एक कोशिश के रूप में देख रहे हैं जिससे वह अपनी प्राथमिकताओं को तय कर सके।

इसी बीच, 28 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में अमेरिका और ईरान के बीच तीखी बहस हुई। अमेरिका ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) की समीक्षा कॉन्फ्रेंस के लिए ईरान द्वारा एक उपाध्यक्ष के चयन को अपना अपमान बताया, हालांकि ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकारा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IAEA प्रमुख के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समझौता क्यों नहीं हो पा रहा है?

राफेल ग्रोसी के मुताबिक, इसके लिए ईरान की राजनीतिक इच्छाशक्ति की ज़रूरत है। साथ ही, दोनों देश बातचीत शुरू करने के शुरुआती कदमों और सही तरीके पर एक राय नहीं बना पा रहे हैं।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या प्रस्ताव रखा है?

ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका नाकाबंदी हटाता है और संघर्ष खत्म करता है, तो वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य की पाबंदियाँ हटा देगा, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को आगे के लिए टाल देगा।