अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बयान दिया है कि दोनों देश एक दीर्घकालिक समझौते के बहुत करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य हमलों के बाद ईरान ने इस बातचीत की समीक्षा करने की बात कही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि डील जल्द ही फाइनल हो सकती है, लेकिन जब तक समझौता पूरा नहीं हो जाता, तब तक प्रतिबंध जारी रहेंगे।

अमेरिका और ईरान समझौते में क्या हैं मुख्य शर्तें?

अमेरिकी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार बातचीत केवल हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे तक सीमित नहीं है। राजनयिक अब चार सबसे जरूरी मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं जिस पर सहमति बनना बाकी है।

  • 15 साल की रोक: ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को अगले 15 साल के लिए रोकना होगा। पहले ट्रंप प्रशासन इस पर 20 साल की रोक चाहता था।
  • यूरेनियम को निष्क्रिय करना: ईरान के पास पहले से मौजूद संवर्धित यूरेनियम को नष्ट या कम सक्रिय किया जाएगा।
  • परमाणु केंद्रों को बंद करना: ईरान को अपने कुछ परमाणु केंद्रों को पूरी तरह से बंद करना होगा।
  • अंतरराष्ट्रीय जांच: इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) को ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच के लिए और अधिक अधिकार दिए जाएंगे।

सैन्य टकराव के बीच बातचीत पर क्यों मंडराया खतरा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने घोषणा की है कि तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया का दोबारा आकलन करेगा। ईरान का कहना है कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए हवाई हमले पिछले दो महीनों से लागू संघर्षविराम का सीधा उल्लंघन हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान बातचीत से पीछे हटता है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही ट्रंप ने यह भी साफ किया है कि जब तक समझौते पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर नहीं कर देते, तब तक प्रतिबंध पूरी तरह लागू रहेंगे।

इस समझौते को लेकर किस देश ने जताई आपत्ति?

इस संभावित समझौते को लेकर इजरायल ने कड़ा ऐतराज जताया है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस बातचीत को आगे बढ़ा रहा है। उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा स्थायी समाधान निकालना है जो लंबे समय तक प्रभावी रहे और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से हमेशा के लिए रोक सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता फाइनल हो चुका है?

नहीं, अभी समझौता फाइनल नहीं हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के अनुसार बातचीत अंतिम चरण में है और अगले कुछ हफ्तों या महीनों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

इस समझौते के तहत यूरेनियम को लेकर क्या नियम तय हो रहे हैं?

समझौते के तहत ईरान को अगले 15 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगानी होगी और अपने पुराने परमाणु केंद्रों को नष्ट करना होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com