अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। US के उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ़ कर दिया है कि अगर ईरान परमाणु समझौते के लिए राजी नहीं होता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि उन्होंने माना कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिका का रुख बहुत सख्त बना हुआ है।
अमेरिका की क्या है चेतावनी और क्या है ‘Option B’?
उपराष्ट्रपति JD Vance ने व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका इस समय ‘लॉक एंड लोड’ की स्थिति में है। उन्होंने बताया कि अगर ईरान एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता जिससे वह हमेशा के लिए परमाणु हथियार बनाने से रुक जाए, तो सैन्य कार्रवाई उनका Option B होगा। अमेरिका का कहना है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए क्योंकि इससे पूरी दुनिया में परमाणु हथियारों की होड़ मच सकती है और दुनिया असुरक्षित हो जाएगी।
Gulf देशों के कहने पर Trump ने क्यों रोका हमला?
खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति Donald Trump ने 19 मई को एक तय सैन्य हमले को रोक दिया था। यह फैसला उन्होंने अपने Gulf सहयोगियों जैसे Qatar, Saudi Arabia और UAE के अनुरोध पर लिया। ट्रंप ने बातचीत को जारी रखने के लिए दो से तीन दिन का समय दिया है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि अगर बातचीत फेल हुई तो वह सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर देंगे।
ईरान का क्या जवाब है और क्या नए कदम उठाए गए?
- ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान किसी भी सैन्य हमले का सामना करने के लिए तैयार है और उनके लिए आत्मसमर्पण का कोई मतलब नहीं है।
- अमेरिका ने 19 मई 2026 को ईरान पर नए प्रतिबंध (Sanctions) लगा दिए हैं।
- Israel भी इस मामले में सक्रिय है और खबरों के मुताबिक वह अमेरिका के साथ मिलकर संभावित हमले की तैयारी कर रहा है और उसने आपातकालीन सुरक्षा बैठकें की हैं।
- Pakistan ने पहले इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ईरान पर हमला क्यों करना चाहता है?
अमेरिका चाहता है कि ईरान एक ऐसे परमाणु समझौते पर सहमत हो जिससे वह कभी भी परमाणु हथियार न बना सके। अगर यह समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई को एक विकल्प मान रहा है।
Gulf देशों ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
Qatar, Saudi Arabia और UAE ने राष्ट्रपति Donald Trump से अनुरोध किया था कि वे सैन्य हमले को कुछ समय के लिए टाल दें ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।
