अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु बातचीत में एक बड़ा मोड़ आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश एक ऐतिहासिक समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 15 साल के लिए रोक लग सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में इस मुद्दे पर अंतिम सहमति बन सकती है.

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परमाणु समझौते पर डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन का क्या है दावा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जून 2026 को बयान दिया है कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि अगले दो से तीन दिनों में एक समझौता हो सकता है. ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा और इसके लिए आर्थिक प्रतिबंध ही सबसे अच्छा जरिया हैं. वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि इस मामले में एक स्थायी समझौते की पूरी उम्मीद बनी हुई है. उन्होंने कहा कि ईरान अब बातचीत की मेज पर वास्तविक प्रस्ताव रख रहा है और वाशिंगटन इस समझौते को पूरा करेगा, भले ही इस पर इसराइल का रुख कुछ भी हो.

ईरान का बातचीत पर क्या रुख है और क्या हैं मुख्य अड़चनें?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने जानकारी दी है कि हालिया क्षेत्रीय तनाव के बावजूद पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका के साथ बातचीत लगातार जारी है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने भी स्पष्ट किया है कि ईरान ने न तो सैन्य मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की मेज से पीछे हटा है. हालांकि, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बार-बार समझौते की शर्तों में बदलाव किए जाने से बातचीत में कुछ मुश्किलें आ रही हैं. ट्रंप ने पहले से तय शर्तों को बदलते हुए यूरेनियम संवर्धन पर रोक की अवधि को 10 साल से बढ़ाकर 20 साल करने और जमी हुई ईरानी संपत्तियों पर नई शर्तें जोड़ने का प्रस्ताव दिया है जिससे ईरानी पक्ष में थोड़ी नाराजगी है.

क्या है पूरा समझौता प्रस्ताव और हालिया घटनाएं?

इस बातचीत में मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा हो रही है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को अगले 15 सालों के लिए रोक देगा, जिसके बदले में उसे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत दी जाएगी और उसकी विदेशों में जमी हुई संपत्तियों को वापस किया जाएगा. इस बीच कुछ अन्य घटनाएं भी हुई हैं. यूरोपीय संघ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने के आरोप में दो ईरानी नागरिकों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की एक यूनिट पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिसे ईरान ने राजनीतिक कदम बताया है. इसके अलावा, 8 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ही एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, हालांकि उसके चालक दल को सुरक्षित बचा लिया गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता होने वाला है?

हां, दोनों देश एक समझौते के बेहद करीब हैं जिसके तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 15 साल के लिए रोक लगाई जा सकती है. राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 से 3 दिनों में समझौता होने की उम्मीद जताई है.

अमेरिका और ईरान की इस बातचीत में मध्यस्थ कौन है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच यह महत्वपूर्ण बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए आगे बढ़ रही है.

समझौते में किस बात को लेकर रुकावट आ रही है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समझौते की पुरानी शर्तों में बदलाव करने और यूरेनियम संवर्धन रोक की अवधि को 10 से बढ़ाकर 20 साल करने की नई मांग के कारण बातचीत में कुछ देरी हो रही है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.