अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब कम होने की राह पर है। दोनों देशों के बीच एक बड़ी शांति डील को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि इस समझौते को लेकर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे दुनिया भर में शांति की नई उम्मीद जगी है।

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ईरान और अमेरिका की इस डील में क्या-क्या है शामिल?

दोनों देशों के बीच हो रही इस बातचीत में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है जो खाड़ी क्षेत्र के लिए काफी अहम हैं।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: इस समझौते के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री बारूद हटाएगा और जहाजों पर कोई टैक्स नहीं लगाएगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी को हटाएगा, जिससे ईरान आसानी से अपना तेल बेच सकेगा।
  • 60 दिनों का संघर्षविराम: बातचीत में प्रस्तावित समझौते के तहत जंग को रोकने के लिए 60 दिनों का सीजफायर बढ़ाने की भी बात की गई है।
  • लेबनान संघर्ष का अंत: इस समझौते के मसौदे में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना भी शामिल है।

ईरानी राष्ट्रपति का परमाणु कार्यक्रम पर क्या है स्टैंड?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट है और वह दुनिया को भरोसा दिलाने के लिए तैयार है कि वे परमाणु हथियार नहीं बना रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की बातचीत करने वाली टीम देश के सम्मान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी। इस डील को लेकर अंतिम फैसला ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि परमाणु मुद्दे इस शुरुआती बातचीत का हिस्सा नहीं हैं।

अन्य देशों और नेताओं की क्या है प्रतिक्रिया?

इस बड़ी डील को लेकर दुनिया के अन्य देशों की तरफ से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि बातचीत में काफी अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन अभी इसे आखिरी फैसला नहीं माना जा सकता। वहीं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते की प्रगति का स्वागत किया है। दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चिंता जताई है और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अंतिम समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की शर्तों पर ही होगा। इसी बीच, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी जल्द ही अगले दौर की बातचीत होने की उम्मीद जताई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान सच में परमाणु हथियार बना रहा है?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने स्पष्ट किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता और वह अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण साबित करने के लिए वैश्विक मानकों को मानने के लिए तैयार है।

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली डील से क्या फायदा होगा?

इस डील से होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता खुलेगा, जिससे तेल का व्यापार आसान होगा। साथ ही, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलेगी और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए 60 दिनों का संघर्षविराम लागू हो सकता है।