अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच राष्ट्रपति Donald Trump ने समझौते के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। इस नए फ्रेमवर्क में ईरान के Natanz, Isfahan और Fordow जैसे प्रमुख परमाणु ठिकानों को सेवा से बाहर करने और उन्हें नष्ट करने की कड़ी शर्त रखी गई है। ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है ताकि बातचीत के जरिए किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।

समझौते की 15 मुख्य शर्तों में क्या शामिल है?

अमेरिकी प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस 15 सूत्रीय समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करने पर जोर दिया गया है। इसमें संवर्धन गतिविधियों को रोकना और मौजूद यूरेनियम के स्टॉक को अमेरिका को सौंपना अनिवार्य बताया गया है। वाशिंगटन का कहना है कि वे ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे और इसके लिए उनके मिसाइल प्रोग्राम पर भी प्रतिबंध लगाना जरूरी है।

  • परमाणु साइटों का विनाश: Natanz, Isfahan और Fordow के ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट करना होगा।
  • यूरेनियम संवर्धन: ईरान को यूरेनियम संवर्धन का काम तुरंत बंद करना होगा।
  • मिसाइल प्रोग्राम: बैलिस्टिक मिसाइलों और लॉन्चर्स के निर्माण पर रोक लगानी होगी।
  • स्टॉक की वापसी: संवर्धित यूरेनियम का सारा स्टॉक अमेरिका या किसी सुरक्षित स्थान पर भेजना होगा।

ईरान का रुख और मौजूदा सैन्य स्थिति क्या है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है, हालांकि उन्होंने माना है कि उन्हें मित्र देशों के जरिए संदेश मिल रहे हैं। ईरान की मांग है कि अमेरिका खाड़ी देशों से अपनी सेना हटाए और उनके देश को हुए नुकसान का हर्जाना दे। बता दें कि जून 2025 और फरवरी 2026 में हुए सैन्य ऑपरेशनों में ईरान के कई परमाणु केंद्र पहले ही भारी नुकसान झेल चुके हैं।

मुख्य घटना तारीख विवरण
15 सूत्रीय प्रस्ताव 24 मार्च 2026 ट्रंप द्वारा समझौते की नई शर्तें
हमलों पर रोक 24 मार्च 2026 स्ट्राइक पर 5 दिन का अस्थाई ब्रेक
नई डेडलाइन 27 मार्च 2026 समझौते के लिए अंतिम समय सीमा
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर जून 2025 परमाणु साइटों पर बड़ा अमेरिकी हमला
जेनेवा वार्ता फरवरी 2026 Witkoff और Kushner की शर्तें