US-Iran Nuclear Deal: डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा दावा, ईरान सौंपेगा अपना परमाणु यूरेनियम, शांति समझौते के करीब पहुंचे दोनों देश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ी खबर साझा की है. उन्होंने बताया कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) सौंपने के लिए तैयार हो गया है. ट्रम्प ने इसे ‘परमाणु धूल’ कहा है. यह कदम वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है.
डील में क्या शर्तें और मांगें शामिल हैं?
इस समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच काफी समय से खींचतान चल रही है. अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करे. इस पूरी बातचीत के मुख्य बिंदुओं को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है.
| विवरण | शर्तें और मांगें |
|---|---|
| अमेरिका की मुख्य मांग | परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर स्थायी प्रतिबंध |
| यूरेनियम स्टॉक | ईरान अपना पूरा संवर्धित यूरेनियम स्टॉक सौंपे |
| सस्पेंशन अवधि (US) | यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर 20 साल का बैन |
| सस्पेंशन अवधि (Iran) | ईरान ने 5 साल के बैन का प्रस्ताव दिया |
| सुविधाओं का विनाश | जून 2025 में क्षतिग्रस्त हुए केंद्रों को पूरी तरह हटाना |
| अतिरिक्त लाभ | फ्री ऑयल और Strait of Hormuz का खुलना |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान (इस्लामाबाद में बातचीत हुई) |
बातचीत की ताज़ा स्थिति क्या है?
पिछले कुछ दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं. हालांकि, यूरेनियम फ्रीज की अवधि को लेकर दोनों देशों में मतभेद रहे, जिससे यह बातचीत किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. ईरान ने अभी तक सार्वजनिक रूप से ट्रम्प के दावों की पुष्टि नहीं की है.
तनाव इतना ज्यादा है कि अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर डील नहीं हुई, तो वह फिर से हवाई हमले कर सकता है और नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखेगा. फिलहाल दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म होने वाला है, लेकिन ट्रम्प को उम्मीद है कि जल्द ही एक डील फाइनल हो जाएगी.
परमाणु यूरेनियम का कितना स्टॉक है?
विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मुताबिक ईरान के पास काफी मात्रा में परमाणु सामग्री है. IAEA की सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60% तक संवर्धित किया गया है. इस सामग्री का इस्तेमाल विस्फोटक हथियारों के लिए किया जा सकता है.
इजराइली रक्षा विशेषज्ञ Avner Vilan का कहना है कि 2018 से जमा किए गए लगभग 450 किलोग्राम यूरेनियम को हटाना या नष्ट करना बहुत जरूरी है. तभी इस समझौते को सफल माना जा सकता है, क्योंकि ईरान का पुराना रिकॉर्ड भरोसेमंद नहीं रहा है.