अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब खत्म होने वाली है। खबर है कि दोनों देशों के बीच समझौते का आखिरी ड्राफ्ट तैयार हो गया है और अगले कुछ घंटों में यह फाइनल हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बातचीत में सकारात्मक बदलाव की बात कही है और संकेत दिया है कि वह इस विवाद को बहुत जल्द खत्म करना चाहते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या सहमति बनी है?

अमेरिका ने इस डील के लिए पांच शर्तें रखी हैं, जिसमें सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान का केवल एक परमाणु केंद्र ही चालू रह सकेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को लिखित में यह वादा करना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दूसरी तरफ, ईरान ने पाकिस्तान की मदद से अपना एक नया प्रस्ताव भेजा है। ईरान चाहता है कि उसे यूरेनियम समृद्ध करने का हक मिले, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म हो और उसकी जमा की गई संपत्ति वापस मिले।

समझौते में किन देशों की भूमिका रही?

इस मामले को सुलझाने में कई खाड़ी देशों ने अहम भूमिका निभाई। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, कतर के अमीर और UAE के राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप से अनुरोध किया था कि ईरान पर सैन्य हमला टाल दिया जाए। इसी वजह से ट्रंप ने हमले के आदेश में देरी की ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का काम किया है, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी पूरी तरह से युद्धविराम और बातचीत जारी रखने की अपील की है।

क्या अब भी युद्ध का खतरा बना हुआ है?

बातचीत के बावजूद हालात अभी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने दोबारा हमला किया, तो युद्ध पश्चिम एशिया के क्षेत्र से बाहर फैल जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने भी यह साफ किया है कि अगर कूटनीति काम नहीं आई, तो सैन्य विकल्प अभी भी उनके पास मौजूद है। हालांकि, ट्रंप और उनके उपराष्ट्रपति JD Vance ने माना है कि परमाणु बातचीत में काफी तरक्की हुई है और दोनों पक्षों ने फॉर्मूलों का आदान-प्रदान किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान चाहता है कि उसे यूरेनियम समृद्ध करने का अधिकार मिले, अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई नाकाबंदी खत्म हो और उसकी फ्रीज की गई संपत्ति वापस मिल जाए।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले क्यों टाले?

सऊदी अरब, कतर और UAE के अनुरोध पर ट्रंप ने सैन्य हमलों को कुछ समय के लिए टाल दिया था ताकि शांति वार्ता के जरिए समाधान निकाला जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.