अमेरिका और ईरान के बीच डील करीब, डोनाल्ड ट्रम्प बोले जल्द खत्म होगा युद्ध, पाकिस्तान करा रहा है बीचबचाव
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खत्म होने वाला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश एक बड़े समझौते के बहुत करीब हैं। इस डील से न केवल युद्ध रुक सकता है, बल्कि दुनिया भर में तेल की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
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डील में क्या शर्तें हैं और ईरान क्या दे रहा है?
अमेरिका की मांग है कि ईरान अगले 20 साल तक अपनी सभी परमाणु गतिविधियों को पूरी तरह रोक दे और अपने पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम (HEU) को देश से बाहर भेजे। ईरान पहले सिर्फ 3 से 5 साल की रोक की बात कर रहा था, लेकिन अब वह कुछ यूरेनियम बाहर भेजने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर राजी हो गया है और वह इस डील को साइन करने के लिए जल्द ही Islamabad जा सकते हैं।
युद्ध का खतरा और समुद्री रास्तों का क्या होगा?
अगर यह समझौता नहीं होता है, तो हालात फिर से खराब हो सकते हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि अमेरिका Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रोक देगा। जवाब में ईरान ने भी कहा है कि वह अरब की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में आयात-निर्यात बंद कर देगा। हालांकि, फिलहाल इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हो चुका है, जिससे माहौल में थोड़ी शांति आई है।
बातचीत और समझौतों की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अगली मीटिंग की तारीख | 18-19 अप्रैल 2026 (संभावित) |
| मध्यस्थ देश | Pakistan और Oman |
| इज़राइल-लेबनान युद्धविराम | 16 अप्रैल 2026 से शुरू |
| यूएस-ईरान युद्धविराम | 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 तक |
| अमेरिकी मांग | 20 साल तक परमाणु गतिविधि बंद |
| ईरान की मांग | अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाना |
| IAEA की शर्त | परमाणु गतिविधियों की कड़ी जांच |