अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही लड़ाई अब खत्म हो सकती है। व्हाइट हाउस के मुताबिक दोनों देश एक छोटे से समझौते यानी MOU पर करीब पहुंच गए हैं। अगर यह डील फाइनल होती है, तो युद्ध खत्म होगा और परमाणु हथियारों को लेकर होने वाली बातचीत के लिए एक नया रास्ता खुलेगा।
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समझौते में क्या-क्या बातें शामिल हैं?
इस समझौते के लिए एक 14 पॉइंट का दस्तावेज़ तैयार किया गया है। इसके तहत ईरान अगले 12 साल तक यूरेनियम को और ज़्यादा रिफाइन यानी enrichment नहीं करेगा। साथ ही, ईरान अपने पास जमा यूरेनियम को हटाने पर भी राजी हो सकता है। बदले में अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाएगा और उसके फ्रीज किए हुए पैसे वापस करेगा। दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को भी आसान बनाएंगे ताकि व्यापार फिर से शुरू हो सके।
राष्ट्रपति ट्रंप का फैसला और ताजा अपडेट
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 5 मई 2026 को “Project Freedom” नाम के सैन्य अभियान को रोक दिया है। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ अंतिम समझौते में काफी तरक्की हुई है। अब अगले 48 घंटों के अंदर ईरान की तरफ से कुछ मुख्य बातों पर जवाब आने की उम्मीद है। इस पूरी बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान और ओमान ने मध्यस्थ की बड़ी भूमिका निभाई है।
ईरान का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 6 मई 2026 को कहा कि वे केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेंगे। हालांकि, इससे पहले 4 मई को उन्होंने कहा था कि फिलहाल कोई परमाणु बातचीत नहीं चल रही है। लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि ईरान ने अपने रुख में नरमी दिखाई है और अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए तैयार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच किस बात पर सहमति बन रही है?
दोनों देश एक 14-पॉइंट के MOU पर बात कर रहे हैं जिसके तहत युद्ध खत्म होगा और ईरान 12 साल तक यूरेनियम रिफाइनमेंट रोकने पर सहमत हो सकता है।
इस समझौते से व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?
दोनों देश Strait of Hormuz में सैन्य ऑपरेशंस को धीरे-धीरे कम करेंगे जिससे जहाजों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार आसान हो जाएगा।