अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता शुरू, 60 दिनों तक चलेगी बातचीत, तनाव कम होने के आसार

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ी हलचल शुरू हो चुकी है। 6 अगस्त 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की कोशिशें काफी अच्छी दिशा में बढ़ रही हैं। यह बयान एक नए समझौते (MoU) के तहत शुरू हुई 60 दिनों की बातचीत की अवधि के साथ ही आया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ़ किया कि उनकी प्राथमिकता एक कूटनीतिक समाधान है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं रख सकता है।
समझौते का मुख्य ढांचा और शर्तें
इस नए समझौते के तहत ईरान ने परमाणु गतिविधियों को रोकने पर सहमति जताई है। इसके मुताबिक ईरान अब यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) को आगे नहीं बढ़ाएगा और न ही अपने परमाणु केंद्रों का विस्तार करेगा। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने विस्तार से जानकारी दी कि फाइनल डील के तहत यूरेनियम संवर्धन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, तेहरान के पास मौजूद यूरेनियम के भंडार को खत्म किया जाएगा और उनकी मिसाइलों की रेंज पर भी लगाम लगाई जाएगी।
अमेरिका ने भरोसा दिया है कि जब तक अंतिम डील नहीं हो जाती, तब तक ईरान पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। इसके अलावा, अमेरिका ने कुछ समय के लिए तेल प्रतिबंधों को हटाने पर भी रजामंदी दिखाई है। इन सभी फैसलों को लागू करने के लिए अमेरिकी संसद (Congress) से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
ईरान का रुख और क्षेत्रीय चुनौतियां
एक तरफ जहां बातचीत चल रही है, वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर-इन-चीफ Ahmad Vahidi ने 5 अगस्त 2026 को एक अलग बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका और इजरायल के पास परमाणु हथियार हैं, ईरान भी अपने विकास को जारी रखेगा। इस बयान ने परमाणु विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि बातचीत के नाम पर ईरान अपने असली इरादों से ध्यान न भटकाए। विशेषज्ञों ने IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के निरीक्षणों को फिर से बहाल करने पर जोर दिया है ताकि स्थिति की निगरानी की जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी हलचल
परमाणु वार्ता के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर भी तेजी देखी जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि इस मसले पर भी जल्द ही समझौता हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने पुष्टि की है कि ओमान के साथ मिलकर इस जलडमरूमध्य के समझौते का मसौदा तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस रास्ते के खुलने से समुद्री व्यापार और सुरक्षा से जुड़ी स्थितियों में बड़ा सुधार आ सकता है।