US और Iran के बीच परमाणु समझौते की उम्मीद, पाकिस्तान की कोशिशों से मिल सकता है बड़ा रास्ता, आर्मी चीफ पहुंचे तेहरान

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक बातचीत चल रही है। पाकिस्तान इस मामले में बीच-बचाव कर रहा है ताकि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति को रोका जा सके। पाकिस्तानी अधिकारियों को उम्मीद है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

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बातचीत में मुख्य रुकावटें क्या हैं?

सबसे बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) को रोकने की समय सीमा को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे 20 साल तक रोके, जबकि ईरान ने केवल 5 साल का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा ईरान के पास मौजूद 440 किलोग्राम हाई एनरिच्ड यूरेनियम को किसी तीसरे देश भेजना या उसका लेवल कम करना भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। साथ ही हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और युद्ध के नुकसान की भरपाई पर भी चर्चा होनी है।

अब तक की मुख्य घटनाओं की समयरेखा

तारीख क्या हुआ
7 अप्रैल, 2026 पाकिस्तान की मध्यस्थता जारी रही, लेकिन सऊदी सुविधाओं पर ईरानी हमलों ने मुश्किल बढ़ा दी।
11-12 अप्रैल, 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने बातचीत हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ।
13 अप्रैल, 2026 पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों ने 21 अप्रैल की समय सीमा से पहले बातचीत जारी रखी।
16 अप्रैल, 2026 पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर वाशिंगटन का संदेश देने के लिए तेहरान पहुंचे।

नेताओं और अधिकारियों का क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि यह विवाद खत्म होने के बहुत करीब है और बातचीत का अगला दौर फिर से पाकिस्तान में हो सकता है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान अमेरिकी शर्तों को मानने को तैयार नहीं था। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद-बागेर गालिबाफ ने बातचीत विफल होने के लिए अमेरिका की अत्यधिक मांगों को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि वे इस बातचीत को सफल बनाने के लिए अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।