अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य कार्रवाई ‘Operation Epic Fury’ अब अपने 11वें दिन में पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका इस युद्ध पर हर दिन 758 मिलियन डॉलर से लेकर 2 अरब डॉलर तक खर्च कर रहा है। शुरुआती एक हफ्ते में ही 6 अरब डॉलर से अधिक की राशि केवल हथियारों पर खर्च हो चुकी है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ी खबर है क्योंकि इसमें UAE जैसी क्षेत्रीय शक्तियां भी मिसाइलों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

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अमेरिकी सेना के हथियारों पर आने वाला भारी खर्च

अमेरिकी प्रशासन इस युद्ध के लिए बजट बढ़ाने की तैयारी में है और व्हाइट हाउस की ओर से कांग्रेस को 50 अरब से 100 अरब डॉलर के अतिरिक्त फंड का अनुरोध भेजा जा रहा है। इस युद्ध में बेहद आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है जिनकी कीमत करोड़ों में है। नीचे दी गई तालिका में हथियारों की यूनिट लागत दी गई है।

हथियार का नाम प्रति यूनिट अनुमानित कीमत
THAAD Interceptor करीब 12.8 मिलियन डॉलर
Tomahawk Missile 2 मिलियन से 3.6 मिलियन डॉलर
Patriot Missile करीब 4 मिलियन डॉलर
MQ-9 Reaper Drone करीब 40 मिलियन डॉलर
LUCAS Drones करीब 35,000 डॉलर
B-2 Stealth Bomber 150,000 डॉलर प्रति घंटा (उड़ान खर्च)

डिफेंस कंपनियों का मुनाफा और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति

युद्ध के कारण बड़ी अमेरिकी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में भारी बढ़त देखी गई है। Lockheed Martin और Northrop Grumman जैसी कंपनियों के स्टॉक अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले 24 घंटों में पेंटागन ने 140 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की पुष्टि की है। क्षेत्रीय सुरक्षा की बात करें तो UAE के रक्षा मंत्रालय ने 10 मार्च को ईरान की ओर से आई 8 बैलिस्टिक मिसाइलों और 26 ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अभियान काफी हद तक पूरा हो चुका है जबकि रक्षा सचिव के अनुसार अब सेना महंगे हथियारों के बजाय सस्ते गोला-बारूद का इस्तेमाल शुरू करेगी।