अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने एक बड़े समझौते पर साइन किए हैं। इस्लामाबाद में हुए इस समझौते का मकसद अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर छेड़ी गई जंग को खत्म करना है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह शांति लंबे समय तक टिक पाएगी।

जंग को रोकने के लिए इस्लामाबाद समझौता

यह समझौता 17 जून 2026 को हुआ। इस डील के जरिए उस युद्ध को रोकने की कोशिश की गई है जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। उस समय अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दी है।

इस समझौते की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और हमेशा के लिए रोका जाएगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है।
  • सभी पक्ष और उनके साथी अब लड़ाई बंद करेंगे और किसी भी तरह की ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
  • समुद्री व्यापार के लिए बहुत जरूरी Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा।

इस खबर की पुष्टि आधिकारिक तौर पर की गई है। White House के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति Trump ने इस पर साइन किए हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने राष्ट्रपति Pezeshkian के हस्ताक्षर की पुष्टि की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी Shehbaz Sharif की भूमिका की पुष्टि की है।

अब अगले 60 दिनों तक वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके बाद एक आखिरी डील होगी जिसे UN Security Council के जरिए कानूनी रूप दिया जाएगा।

हालांकि, दोनों देशों के बीच कुछ बातें अभी भी साफ नहीं हैं। ईरान का मानना है कि यह उसकी जीत है और वह चाहता है कि इसराइल लेबनान से अपनी सेना हटा ले। ईरान ने Hezbollah को यह भी बताया है कि अमेरिकी प्रतिबंध हटने और संपत्तियां वापस मिलने के बाद उनकी फंडिंग बढ़ाई जाएगी। वहीं राष्ट्रपति Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने डील में देरी की, तो अमेरिका आर्थिक दबाव बढ़ा देगा और फिर से हमले शुरू कर सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com