अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। लेकिन अब खबर आ रही है कि ईरान इस मीटिंग में शामिल नहीं होगा। लेबनान में इसराइल के हमलों की वजह से इस बड़ी बातचीत पर संकट खड़ा हो गया है।

इस्लामाबाद में बातचीत की क्या तैयारी थी?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों की टीमों को 10 अप्रैल को बुलाया था। सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद के रेड जोन और सेरेना होटल को पूरी तरह खाली करा लिया गया था। सरकार ने 9 और 10 अप्रैल को सार्वजनिक छुट्टी भी घोषित की थी ताकि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे। पाकिस्तान ने आने वाले प्रतिनिधियों और पत्रकारों के लिए वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा भी दी थी।

ईरान ने बातचीत से क्यों किया इनकार?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि लेबनान में इसराइल के हमले जारी हैं, जिससे यह बातचीत अब बेमतलब हो गई है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के सूत्रों ने भी बताया कि जब तक लेबनान में युद्ध नहीं रुकता, ईरान की कोई टीम इस्लामाबाद नहीं आएगी। इससे पहले ईरान के राजदूत ने आने की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

बातचीत में कौन-कौन शामिल होने वाला था?

प्रतिनिधिमंडल प्रमुख नाम
अमेरिका उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर
ईरान मोहम्मद बागेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची
पाकिस्तान (मध्यस्थ) पीएम शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशक डार, मोहसिन नकवी
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.