अमेरिका और ईरान ने सालों की दुश्मनी और टकराव को खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता किया है। दोनों देशों ने युद्ध रोकने, Strait of Hormuz को फिर से खोलने और ईरान की अर्थव्यवस्था को सुधारने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते को स्थायी बनाने के लिए 60 दिनों का समय तय किया है।
क्या है यह समझौता और 60 दिन का टेस्ट
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बुधवार, 18 जून 2026 को एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए। अब यह समझौता लागू हो गया है। शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में G7 समिट के बाद इसका औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होगा। अगले 60 दिनों तक दोनों देश गहन बातचीत करेंगे ताकि इस शुरुआती समझौते को एक स्थायी संधि में बदला जा सके।
समझौते की मुख्य शर्तें
- सैन्य कार्रवाई पर रोक: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से बंद करना होगा।
- Strait of Hormuz: इस समुद्री रास्ते को फिर से खोल दिया गया है और शुरुआती 60 दिनों तक यहाँ कोई टोल नहीं लगेगा।
- ब्लॉकड हटाना: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने का फैसला किया है।
- पाबंदियां और परमाणु हथियार: इस ढांचे में ईरान पर से पाबंदियां हटाने और यह सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
- फंड की वापसी: डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के उन फंड्स को वापस करेगा जो फ्रीज कर दिए गए थे।
बड़ी हस्तियों और देशों की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस समझौते में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई और इसकी पुष्टि की कि Strait of Hormuz और नौसैनिक नाकेबंदी अब खत्म हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अगर बातचीत में प्रगति होती है, तो 60 दिनों की इस समय सीमा को बढ़ाया जा सकता है।
Kuwait की कैबिनेट ने भी इस समझौते का स्वागत किया है। कुवैत ने उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता आएगी और समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहेगी।
लेबनान में तनाव और चेतावनी
एक तरफ जहाँ शांति की बात हो रही है, वहीं बुधवार को लेबनान में एक इजरायली सैनिक की मौत और सात के घायल होने की खबर आई। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल ने लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो इसे नए समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।