अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद पुष्टि की है कि दोनों देश एक शांति समझौते के बेहद करीब हैं और अब केवल आखिरी बातचीत होना बाकी है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे खाड़ी देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इस समझौते से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बहाल होने की बड़ी उम्मीद जगी है।

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इस शांति समझौते में कौन सी मुख्य बातें शामिल हैं?

दोनों देशों के बीच तैयार किए जा रहे इस समझौते के मसौदे में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनती दिख रही है। इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है जिसमें निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल हैं:

  • पूर्ण युद्धविराम: समझौते के लागू होते ही दोनों देशों के बीच सभी सैन्य कार्रवाइयां तुरंत प्रभाव से रुक जाएंगी।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता खोलना: खाड़ी के इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
  • प्रतिबंधों में ढील: ईरान द्वारा नियमों का पालन करने के बदले में अमेरिका उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाएगा।
  • संप्रभुता का सम्मान: दोनों देश एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और एक-दूसरे के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या है रुख?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की प्रगति पर संतोष जताया है और कहा है कि दोनों पक्ष काफी करीब आ चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते के सफल होने की संभावना पचास प्रतिशत है। ट्रंप अपने वरिष्ठ सलाहकारों और बातचीत में शामिल अधिकारियों के साथ बैठक कर ईरान के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यह समझौता सफल नहीं होता है, तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। वहीं, ईरान की सरकार का कहना है कि उनका पूरा ध्यान प्रतिबंधों को खत्म कराने और शांति बहाल करने पर केंद्रित है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते में किन देशों की भूमिका है?

इस समझौते को सफल बनाने में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात भी इस बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

क्या इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा हो रही है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान बातचीत में परमाणु मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है। ईरान का मुख्य ध्यान केवल युद्धविराम लागू करने और प्रतिबंधों को हटवाने पर है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.