अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बड़ी खबर, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने किया बड़ा दावा.

दुनियाभर की नजरें इस समय अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर टिकी हुई हैं क्योंकि तनाव के बीच अब एक बड़ी राहत की उम्मीद जताई जा रही है। 11 अगस्त 2026 को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बड़ा बयान दिया है जिसमें उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही किसी शांति समझौते या डील पर सहमति बन सकती है। ब्लूमबर्ग न्यूज को इस्लामाबाद में दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि पिछले कुछ दिनों के हालात और संकेत यही बता रहे हैं कि दोनों देश किसी समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके हैं। इस संभावित कूटनीतिक कदम से पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति लौटने की उम्मीद है जिसका असर वहां रहने वाले लोगों और प्रवासियों पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा।
तनाव और मांगों का दौर जारी
एक तरफ जहां शांति समझौते की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों की पुरानी मांगें और शर्तें भी सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 अगस्त 2026 को ईरान के सामने पुरानी घटनाओं का मुआवजा देने की कड़ी मांग रखी है। इन मांगों में साल 2000 में हुए USS Cole बम धमाके में मारे गए 17 अमेरिकी नाविकों, युद्ध में जान गंवाने वाले हजारों सैनिकों और पिछले पांच दशकों में ईरान में मारे गए मासूम प्रदर्शनकारियों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक पिछले पांच महीनों में ही 52,000 लोग मारे गए हैं। वहीं दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने भी अमेरिका के सामने अपनी शर्तें रख दी हैं। ईरान की तरफ से कहा गया है कि जब तक अमेरिका चल रहे संघर्ष में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं देता, तेल पर लगे प्रतिबंधों को नहीं हटाता और ब्लॉक की गई संपत्तियों को अनब्लॉक नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोला जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अराकची ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ सीधी बातचीत नहीं हो रही है बल्कि बीच के माध्यमों यानी इंटरमीडियरीज के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
कूटनीतिक प्रयास और क्षेत्रीय हालात
इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए कूटनीतिक कोशिशें भी तेजी से चल रही हैं। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन रजा नकवी ने 11 अगस्त 2026 को तेहरान का दौरा किया और वहां अहम चर्चाएं कीं। इसके अलावा अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर बातचीत आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। हालांकि इन तमाम diplomatic कोशिशों के बावजूद जमीन पर तनाव अभी भी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर मिलिट्री हेलिकॉप्टर से हमला किया। इसके साथ ही यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नए हमलों और लाल सागर में एक कार्गो जहाज के किसी अज्ञात गोले से टकराने की खबर ने क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंता को और बढ़ा दिया है।