अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा शांति समझौता हुआ है जिससे पूरी दुनिया में खुशी की लहर है। इस खबर के आते ही एशिया के शेयर बाजारों में भारी बढ़त देखी गई और जापान के Nikkei इंडेक्स ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया। इस समझौते के बाद दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक, Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया गया है।
समझौते की मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार, 14 जून और सोमवार, 15 जून 2026 को इस शांति समझौते की घोषणा की। उन्होंने आदेश दिया कि Strait of Hormuz को तुरंत बिना किसी टोल के खोल दिया जाए और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को हटा लिया जाए। इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून 2026 को Switzerland में एक समारोह के दौरान होंगे।
ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने भी इस डील की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन की प्रतिबद्धताओं की जांच करने के बाद तेहरान अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों की बातचीत के दौर में शामिल होगा। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह समझौता अमेरिका के मुख्य लक्ष्यों को पूरा करता है, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म किया जाएगा और क्षेत्र में लंबी शांति बनी रहेगी।
इस पूरे मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उन्होंने पुष्टि की कि इस समझौते में सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने की बात शामिल है।
बाजार और तेल पर असर
इस खबर का असर सीधा ग्लोबल मार्केट पर पड़ा। सोमवार, 15 जून 2026 को एशियाई बाजारों में जबरदस्त तेजी आई। जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में बड़ी उछाल देखी गई। वहीं, जलमार्ग खुलने की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
| इंडेक्स/कमोडिटी | बदलाव/असर |
|---|---|
| Nikkei 225 (जापान) | 4.5% बढ़त |
| Kospi (दक्षिण कोरिया) | 5.7% बढ़त |
| ASX 200 (ऑस्ट्रेलिया) | 1.5% बढ़त |
| Brent Crude (तेल) | 4% गिरावट |
| US Crude (तेल) | 4.3% गिरावट |
| तारीख | 15 जून 2026 |
कतर, तुर्की, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने भी इस शांति समझौते का स्वागत किया है। इसे क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।