अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले संभावित शांति समझौते को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इस विवाद के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर लंबे समय तक प्रतिबंध रहने की आशंका से वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है।

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौता?

अमेरिका और ईरान के बीच एक सहमति पत्र (MOU) पर बातचीत चल रही है, जिसमें अन्य देश भी शामिल हैं। इस प्रस्तावित समझौते में कुछ मुख्य शर्तें शामिल हैं:

  • 60 दिनों का संघर्षविराम: समझौते के तहत 60 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाने का प्रस्ताव है।
  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का रास्ता: अमेरिका का प्रस्ताव है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बिना किसी शुल्क के खोला जाए और ईरान वहां बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाए। इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नाकेबंदी हटाएगा और ईरान को तेल बेचने की अनुमति देगा।
  • परमाणु कार्यक्रम पर रोक: समझौते के मसौदे में ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने और अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने की बात कही गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी पक्ष के दावों में क्यों है अंतर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ईरान के साथ शांति समझौता लगभग तय हो चुका है और अंतिम विवरणों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जब तक समझौता पूरी तरह से हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी लागू रहेगी। दूसरी तरफ, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा और यह ईरान के प्रबंधन में ही रहेगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता है।

इस विवाद का कच्चे तेल की कीमतों और गल्फ देशों पर क्या असर होगा?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक है। इस मार्ग पर प्रतिबंध जारी रहने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते को लेकर सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, मिस्र और जॉर्डन के नेताओं से फोन पर बात की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी उम्मीद जताई है कि जल्द ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर कोई सकारात्मक खबर आ सकती है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करने की पेशकश की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में मुख्य अड़चन क्या है?

मुख्य विवाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के नियंत्रण और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका इसे पूरी तरह खोलना चाहता है, जबकि ईरान इस जलमार्ग पर अपना अधिकार बनाए रखना चाहता है।

ईरान के पास इस समय कितना संवर्धित यूरेनियम है?

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के पास वर्तमान में 60 प्रतिशत शुद्धता वाला लगभग 440.9 किलोग्राम (972 पाउंड) संवर्धित यूरेनियम मौजूद है।