अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा शांति समझौता हुआ है जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। इस खबर का असर सीधा वैश्विक बाजार पर पड़ा और अमेरिकी डॉलर की कीमत पिछले 10 दिनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इस समझौते से युद्ध खत्म होने और व्यापारिक रास्तों के खुलने की राह आसान हो गई है।

समझौते की मुख्य बातें

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social के जरिए पुष्टि की कि ईरान के साथ डील पूरी हो चुकी है। इस समझौते के तहत Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता है।

इस शांति डील में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि इस समझौते में कतर, सऊदी अरब और तुर्की ने भी महत्वपूर्ण मदद की है। अब लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।

बाजार और डॉलर पर असर

शांति समझौते की घोषणा के बाद सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की मांग में कमी आई। इस वजह से 15 जून 2026 को Dollar Index (DXY) गिरकर 99.492 पर आ गया।

विवरण जानकारी और आंकड़े
समझौता घोषणा तारीख 14 जून 2026
हस्ताक्षर समारोह 19 जून 2026 (स्विट्जरलैंड)
डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.492 (15 जून)
शुरुआती फंड रिलीज 12 अरब डॉलर
कुल फंड रिलीज (60 दिन) 24 अरब डॉलर
डॉलर में कुल गिरावट 0.31%

आगे की प्रक्रिया और चुनौतियां

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने इस समझौते की पुष्टि की और कहा कि इससे युद्ध का तुरंत अंत होगा। उन्होंने साफ किया कि यह समझौता दुश्मन पर भरोसे का संकेत नहीं है। 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक आधिकारिक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

हालांकि, 14 जून को लेबनान पर हुए इजरायली हमले ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान दोनों ने ही इस हमले की आलोचना की है और चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें इस शांति समझौते को खतरे में डाल सकती हैं।