US President Donald Trump ने ईरान के साथ एक बड़े ‘शांति समझौते’ (Peace Deal) का ऐलान किया है. इस डील का मकसद मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को रोकना और शांति लाना है. इस समझौते के तहत लेबनान में सीज़फायर होगा और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जाएगा.
ट्रंप ने क्या किया ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर बताया कि ईरान के साथ शांति समझौता पूरा हो चुका है. उन्होंने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी रोक-टोक के खोलने और अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दिया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता और यह समझौता परमाणु हथियारों के खिलाफ एक दीवार की तरह काम करेगा.
लेबनान में सीज़फायर और मध्यस्थता
यह समझौता ऐसे समय में आया है जब 14 जून को बेरूत के दाहिये इलाके में इसराइली हमले में तीन लोगों की जान चली गई थी. ट्रंप ने इस हमले की निंदा की और सभी पक्षों को पीछे हटने को कहा. ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम ग़रीबबादी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने कन्फर्म किया है कि इस डील के बाद लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन स्थायी रूप से बंद हो जाएंगे. इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर ने अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है.
पैसे और कागज़ी कार्रवाई का अपडेट
समझौते के तहत ईरान की जमी हुई 12 अरब डॉलर की संपत्ति जारी की जाएगी. इसके अलावा, 60 दिनों की बातचीत के दौरान 24 अरब डॉलर और जारी करने का प्रस्ताव है. इस शांति समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में किए जाएंगे.
दुनिया भर की प्रतिक्रियाएं
- UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है.
- कतर और तुर्की ने भी इस समझौते का स्वागत किया है और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए ज़रूरी बताया है.
- ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने भी इस समझौते का समर्थन किया है.
इसराइल का रुख
दूसरी तरफ, इसराइल के डिफेंस मिनिस्टर इसराइल काट्ज़ ने साफ कर दिया है कि इसराइल लेबनान, गाज़ा और सीरिया में कब्ज़े की गई ज़मीनों से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने लेबनान की घटनाओं को लेकर इसराइल पर हमला किया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा.