अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही दुश्मनी अब खत्म हो सकती है। दोनों देशों ने एक शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन कर दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस बात की पुष्टि की है। इस समझौते से अब युद्ध की आशंका कम होगी और व्यापारिक रास्ते फिर से खुलेंगे।

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जेनेवा में होगा औपचारिक कार्यक्रम

इस समझौते की जानकारी देते हुए बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस शुरुआती सहमति की घोषणा की है। अब 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में एक औपचारिक कार्यक्रम होगा, जहाँ इस समझौते पर कागजी साइन होंगे। इस मौके पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance भी मौजूद रहेंगे।

समझौते की मुख्य बातें

ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते की 14 बातें सामने रखी हैं, जिन्हें आम भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:

  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई तुरंत और हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी।
  • अमेरिका अगले 30 दिनों के भीतर ईरान की समुद्री नाकाबंदी हटा लेगा।
  • Strait of Hormuz को जहाजों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा और 60 दिनों तक यहाँ से बिना टोल के रास्ता मिलेगा।
  • अमेरिका अपनी सेना को ईरान के आसपास के इलाकों से हटा लेगा।
  • तेल बेचने पर लगे प्रतिबंधों को रोका जाएगा और ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति वापस की जाएगी।
  • ईरान ने वादा किया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, हालांकि परमाणु मुद्दों पर अगले 60 दिनों में फिर से बात होगी।
  • ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर तक की मदद की बात कही गई है, लेकिन अमेरिका ने इसमें अपना योगदान देने से इनकार किया है।
  • ईरान अपने सहयोगी गुटों, जैसे लेबनान में हिज़बुल्लाह को नियंत्रित रखेगा।

मध्यस्थ देशों की भूमिका

इस पूरे समझौते को करवाने में पाकिस्तान और कतर ने बीच-बचाव का अहम काम किया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres और ब्रिटेन समेत कई देशों के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है।

अभी भी कुछ मुद्दों पर विवाद

इतने बड़े समझौते के बावजूद कुछ बातों पर अभी सहमति नहीं बनी है। Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से सर्विस फीस ली जाएगी या नहीं, इस पर दोनों देशों की राय अलग है। साथ ही, लेबनान से इसराइली सेना की वापसी को लेकर भी विवाद है।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह एक शुरुआती समझौता है। अगले 60 दिनों तक बातचीत चलेगी, जिसके बाद एक अंतिम और विस्तृत समझौता किया जाएगा। इस दौरान अगर कोई बात नहीं बनी, तो कोई भी पक्ष इस समझौते से पीछे हट सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.