अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक शांति समझौता लगभग तय हो चुका है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना शामिल होगा। वहीं दूसरी तरफ, भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिका पर क्षेत्र की वास्तविकताओं को तोड़ने-मरोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।

भारत में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान पर क्या कहा?

24 मई 2026 को भारत में ईरानी दूतावास ने एक कड़ा प्रेस बयान जारी किया। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस बयान को पूरी तरह खारिज किया गया, जिसमें उन्होंने ईरान पर वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक बनाने का आरोप लगाया था। ईरानी दूतावास ने कहा कि अमेरिका खुद क्षेत्र की सच्चाइयों को गलत तरीके से पेश कर रहा है और अपनी और इजरायल की नीतियों से दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है। दूतावास ने साफ किया कि ईरान पर लगे अवैध अमेरिकी प्रतिबंध वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और यह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में काम कर रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप का शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या है दावा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 मई 2026 को घोषणा की कि ईरान के साथ एक शांति समझौता काफी हद तक तैयार हो चुका है। इस प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सकता है, ईरान की कुछ जब्त संपत्तियों को बहाल किया जा सकता है और दोनों देशों के बीच आगे बातचीत जारी रहेगी। हालांकि, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने ट्रंप के इस दावे का खंडन किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाएगा। एजेंसी का कहना है कि यह क्षेत्र हमेशा ईरानी प्रबंधन के तहत ही रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान की तरफ से क्या जानकारी मिली?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि दोनों देश संघर्ष को समाप्त करने के लिए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर काम कर रहे हैं, जिसे अगले 30 से 60 दिनों में अंतिम रूप दिया जा सकता है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी इस बातचीत में सकारात्मक प्रगति की बात कही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान जल्द ही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करेगा और दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में मदद करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि दोनों देश संघर्ष खत्म करने के लिए 14 सूत्रीय समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसे 30 से 60 दिनों में अंतिम रूप दिया जा सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाएगा, लेकिन ईरान की मीडिया रिपोर्ट ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि यह क्षेत्र ईरानी प्रबंधन में ही रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.