अमेरिका और ईरान ने जंग खत्म करने के लिए एक समझौते पर साइन किए हैं। इस डील के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही गई है। लेकिन इस समझौते के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ है क्योंकि इसराइल लेबनान से अपनी सेना हटाने को तैयार नहीं है।

👉: Saudi Arabia Cyber Security: सऊदी अरब दुनिया में फिर नंबर 1, साइबर सुरक्षा में लगातार तीसरे साल मारी बाजी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 15 जून 2026 को इस डील के पूरा होने का ऐलान किया था, जो 18 जून से पूरी तरह लागू हो गई। इस समझौते (MOU) में कई अहम बातें शामिल हैं:

  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य ऑपरेशन को तुरंत और हमेशा के लिए बंद करना होगा।
  • ईरान अब अपना तेल फिर से एक्सपोर्ट कर सकेगा।
  • Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाएगा।
  • दोनों देशों को अंतिम समझौते की शर्तों पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिला है।

इस समझौते को लेकर ईरान और इसराइल के बीच बड़ी बहस छिड़ी है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए इसराइल को लेबनान से अपनी सेना हटानी होगी और कब्जे को खत्म करना होगा। अगर इसराइल वहां रुका रहता है, तो इसे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।

दूसरी तरफ, इसराइल ने इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz और अमेरिका में वहां के राजदूत Yechiel Leiter ने साफ शब्दों में कहा कि इसराइल लेबनान, सीरिया या गाजा से अपनी सेना पीछे नहीं हटाएगा। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने यह बात सीधे राष्ट्रपति Trump को भी बता दी है।

राष्ट्रपति Donald Trump ने इस डील की पुष्टि तो की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि यह अभी अंतिम समझौता नहीं है। अगर ईरान ने सही व्यवहार नहीं किया, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। Trump ने बेरुत में हुए इसराइली हमलों की आलोचना की और प्रधानमंत्री Netanyahu से लेबनान में ज़्यादा ज़िम्मेदार होने को कहा।

विश्लेषक Rami Khouri का मानना है कि इसराइल शायद केवल दिखावे के लिए कुछ सैनिकों को लेबनान से पीछे हटा ले। उनके मुताबिक, इसराइल की पॉलिसी में असली बदलाव तभी आएगा जब अमेरिका उस पर सख्ती से दबाव डालेगा।

हकीकत यह है कि कागजों पर समझौता होने के बावजूद लेबनान में हमले जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जून 2026 को एक इसराइली सैनिक मारा गया और सात अन्य घायल हुए। ईरान ने आरोप लगाया है कि इसराइल लगातार इस युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.