अमेरिका और ईरान के बीच सालों से चल रहा तनाव अब कम होता दिख रहा है। दोनों देश एक बड़े शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। मई 2026 में आ रही खबरों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच समझौते के मुख्य बिंदुओं पर सहमति बन गई है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण शामिल है। हालांकि दोनों तरफ से अभी भी काफी सावधानी बरती जा रही है।
क्या है इस समझौते के मुख्य बिंदु और क्या होगी शर्तें?
इस समझौते के तहत ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को नष्ट करने पर सहमत हो सकता है। इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दे सकता है। समझौते के पहले चरण में अमेरिका में फंसे ईरान के 12 अरब डॉलर के फंड को जारी किया जा सकता है। इसके साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री बारूद (mines) हटाने का काम शुरू होगा ताकि जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो सके।
डोनल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों ने क्या कहा?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान के साथ शांति समझौते का खाका लगभग तैयार है। हालांकि, उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। ट्रंप का कहना है कि जब तक समझौते पर पूरी तरह हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि अतीत में अमेरिका के वादे तोड़ने के इतिहास को देखते हुए ईरान बेहद सतर्कता बरत रहा है।
क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद और अन्य देशों की प्रतिक्रिया?
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, समझौता होने के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन ईरान के पास ही रहेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस बातचीत का स्वागत किया है और अगले दौर की वार्ता की मेजबानी करने की इच्छा जताई है। वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चिंता जताई है कि किसी भी अंतिम समझौते से परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म होना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप ले चुका है?
नहीं, अभी बातचीत चल रही है। डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि समझौता पूरी तरह से फाइनल नहीं हुआ है और इस पर हस्ताक्षर होना बाकी है।
समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या असर पड़ेगा?
समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा, जिससे तेल और व्यापारिक जहाजों का रास्ता साफ हो सकेगा।