अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों ने कच्चे तेल की कीमतों को स्थिर कर दिया है। बाज़ार में इस बात की चर्चा है कि अगर दोनों देशों के बीच डील हो जाती है, तो तेल की सप्लाई बढ़ेगी और दाम कम हो सकते हैं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमतें 71 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच संबंध काफी अच्छे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि Qatar में हुई बातचीत काफी सफल रही और ईरान का परमाणु हथियार मुक्त होना सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी बीच 17 जून 2026 को दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौता (MOU) भी साइन किया था।
इस समझौते के तहत ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को 21 अगस्त 2026 तक के लिए हटाया गया है। जानकारों का मानना है कि अगर यह डील आगे बढ़ती है, तो आने वाले 12 से 18 महीनों में वैश्विक बाज़ार में हर दिन 10 से 20 लाख बैरल तेल ज़्यादा आ सकता है।
तेल की कीमतों का हाल और अनुमान
पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल के भाव में उतार-चढ़ाव देखा गया है। साथ ही अलग-अलग संस्थाओं ने भविष्य की कीमतों को लेकर अपने अनुमान दिए हैं।
| तारीख/संस्था | ब्रेंट क्रूड कीमत (USD/BBL) |
|---|---|
| 3 जुलाई 2026 | 71.63 |
| 2 जुलाई 2026 | 70.38 |
| 1 जुलाई 2026 | 71.35 |
| Trading Economics (इस तिमाही के अंत तक) | 77.56 |
| Trading Economics (अगले 12 महीने) | 83.57 |
| Goldman Sachs (Q4 2026) | 80 |
| Goldman Sachs (2027) | 75 |
| Citi Analysts (साल के अंत तक) | 60 |
दूसरी तरफ तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। 2 जुलाई 2026 को ईरान के सैन्य कमांड ने चेतावनी दी कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को उनके बताए रास्ते पर ही चलना होगा, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Qatar के विदेश मंत्रालय ने 3 जुलाई को जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच Doha में हो रही बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। अब आगे की चर्चा ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के बाद होगी।
