अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए आज स्विट्जरलैंड के Bürgenstock में तकनीकी बातचीत शुरू होगी। यह चर्चा उस ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (Islamabad MoU) के बाद हो रही है, जिस पर 18 जून 2026 को हस्ताक्षर हुए थे। इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने बीच-बचाव करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

🚨: US और ईरान के बीच स्विट्ज़रलैंड में शुरू हुई बातचीत, पाकिस्तान और कतर करेंगे बीच-बचाव

स्विट्जरलैंड में आज होगी बड़ी मीटिंग

आज होने वाली इस तकनीकी बातचीत में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ-साथ पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ भी शामिल होंगे। इस मीटिंग का मकसद उस समझौते को आगे बढ़ाना है जिस पर दोनों देशों ने सहमति जताई थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।

क्या है इस्लामाबाद समझौता (Islamabad MoU)

यह समझौता 18 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर लागू हुआ था। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन किए थे। पाकिस्तान ने मध्यस्थ के तौर पर इस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले 12 जून को प्रधानमंत्री शरीफ ने बताया था कि दोनों पक्षों के बीच शांति समझौते का अंतिम मसौदा तैयार हो गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर तनाव

एक तरफ जहाँ बातचीत शुरू हो रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की फिर से नाकेबंदी कर दी है। ईरान का कहना है कि लेबनान में इसराइल के हमलों और अमेरिका द्वारा अपने वादे पूरे न करने की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। इस घटना ने नए समझौते की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिकारियों की मुलाकात और समर्थन

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने हाल ही में तेहरान में ईरान के आंतरिक मंत्री एस्कंदर मोमेनी और विदेश मंत्री अब्बास अरागची से मुलाकात की। उन्होंने इस समझौते को इलाके में स्थायी शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। मई के महीने में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार को उनके मददगार रोल के लिए धन्यवाद दिया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com