अमेरिका और ईरान के बीच बरसों से चली आ रही तनातनी अब खत्म हो सकती है। Pakistan के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश एक शांति समझौते के बेहद करीब हैं और अगले 24 घंटों में इस पर मुहर लग सकती है। इसी बीच ईरान ने Russia और China के साथ मिलकर इस पूरी योजना पर चर्चा की है ताकि रणनीतिक तालमेल बना रहे।

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Russia और China के साथ अहम बैठक

Iran के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने Tehran में Russia और China के राजदूतों के साथ एक साझा बैठक की। इस बैठक में US-Iran memorandum of understanding (MoU) से जुड़ी ताजा स्थितियों पर बातचीत हुई। Gharibabadi ने बताया कि ईरान, चीन और रूस के बीच आपसी सहयोग और तालमेल पहले की तरह मजबूत रहेगा।

क्या है 14 पॉइंट्स वाला यह समझौता

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि Tehran और Washington आने वाले दिनों में एक शुरुआती समझ (initial understanding) का ऐलान कर सकते हैं। यह पूरा ढांचा 14 पॉइंट्स के एक MoU पर आधारित है, जिस पर फिलहाल समीक्षा चल रही है। अगर बातचीत पूरी होती है, तो इस समझौते पर डिजिटल तरीके से साइन किए जाएंगे।

इस समझौते में कुछ मुख्य बातें शामिल हैं:

  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना।
  • Israel को कब्जे वाले इलाकों से बाहर निकलना होगा।
  • Strait of Hormuz को फिर से खोलना।
  • अमेरिका द्वारा ईरान की समुद्री नाकाबंदी (naval blockade) को पूरी तरह खत्म करना।
  • ईरान की जमी हुई संपत्तियों (frozen assets) को वापस करना।

समझौते की शर्तें और विवाद

जहां एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने जल्द समझौते की उम्मीद जताई है, वहीं अमेरिका और ईरान की कुछ शर्तों में अंतर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे और यूरेनियम को हटाए। दूसरी ओर, ईरान अपनी परमाणु क्षमताओं को बरकरार रखना चाहता है और फंड की वापसी की मांग कर रहा है।

समझौते से जुड़ी मुख्य शर्तें नीचे दी गई हैं:

विवरण ईरान की मांग/स्थिति अमेरिका की मांग/स्थिति
जमी हुई संपत्ति साइन करते ही 50% पैसा तुरंत मिले परमाणु कार्यक्रम खत्म होने पर पैसा मिले
परमाणु कार्यक्रम कोई नया दायित्व नहीं, क्षमता बनी रहेगी पूर्ण विनाश और यूरेनियम हटाना जरूरी
निरीक्षण (Inspection) सीमित शर्तों पर सहमति लंबे समय तक सख्त निरीक्षण जरूरी
प्रतिबंध (Sanctions) तेल और पेट्रोकेमिकल प्रतिबंध तुरंत हटें नियमों के पालन के बाद राहत मिलेगी
समय सीमा साइन के बाद 60 दिन की बातचीत शर्तें पूरी होने पर ही फंड रिलीज
नाकाबंदी नेवल ब्लॉकेड तुरंत खत्म हो परमाणु शर्तों से जुड़ा हुआ
हस्ताक्षर डिजिटल साइनिंग की प्रक्रिया अनुपालन (compliance) पर आधारित

आगे क्या होगा

Trump प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे इस डील को लेकर 80 से 85 प्रतिशत आश्वस्त हैं। समझौते पर साइन होने के बाद 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी, जिसमें परमाणु मुद्दों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यह MoU युद्ध खत्म करने का एक ढांचा है, इसे अंतिम डील न माना जाए।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com