अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। इस खबर से पूरी दुनिया में राहत मिली है और सऊदी अरब ने भी इसका स्वागत किया है। अब दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रुकेगी और शांति की कोशिशें शुरू होंगी।
🚨: USA-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच खत्म हुआ युद्ध, अब E4 देश भी हटाएंगे ईरान पर से प्रतिबंध।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 जून 2026 को घोषणा की कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस शांति समझौते की पुष्टि की है। इस समझौते के तहत अब सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है, सैन्य अभियान तुरंत और स्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे।
सऊदी अरब ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वह शांति के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन करता है। सऊदी अरब ने इस बात पर जोर दिया कि Strait of Hormuz को जहाजों के आने-जाने के लिए बिना किसी रोक-टोक के खुला रखा जाए।
अगले कदम के रूप में, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में एक आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह होगा। इसके बाद 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत चलेगी ताकि एक स्थायी समझौता हो सके। इन बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को हटाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
अमेरिका ने Strait of Hormuz की अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। हालांकि, राष्ट्रपति Trump ने चेतावनी भी दी है कि अगर समय पर परमाणु समझौता नहीं हुआ तो हमले फिर से शुरू हो सकते हैं। वहीं ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि यह समझौता अविश्वास के माहौल में हुआ है और वे सावधानी बरतेंगे।
इस समझौते पर इसराइल की प्रतिक्रिया अलग रही। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि इसराइल लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा और वह इस डील से बंधा हुआ नहीं है। वहीं इसराइल के मंत्री Itamar Ben Gvir ने इस समझौते का विरोध किया है और Hezbollah को खत्म करने की मांग की है।
दुनिया के कई देशों जैसे फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है।