अमेरिका और ईरान के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है जिससे अब पश्चिम एशिया में शांति आने की उम्मीद है। राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार, 14 जून 2026 को इस खबर का ऐलान किया। इस समझौते के बाद तेल सप्लाई का अहम रास्ता Strait of Hormuz फिर से खुलेगा, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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समझौते की मुख्य बातें

इस शांति समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून 2026 को Switzerland में होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि इस फैसले से इलाके में सुरक्षा बढ़ेगी और अमेरिका ने Strait of Hormuz से अपनी नौसेना की नाकाबंदी हटाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह रास्ता अब हमेशा के लिए टोल-फ्री रहेगा। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका भविष्य में मध्य पूर्व के संरक्षक की भूमिका निभा सकता है, जिसके बदले में क्षेत्रीय राजस्व का 20 प्रतिशत हिस्सा लिया जाएगा।

White House के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करेगा। ईरान से समृद्ध सामग्री को बाहर भेजा जाएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए एक जांच प्रणाली लागू की जाएगी कि नियमों का पालन हो रहा है। वहीं ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने भी इस डील की पुष्टि की है। हालांकि, ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अंतिम बातचीत तब होगी जब दूसरा पक्ष अपने वादों को पूरी तरह लागू कर लेगा।

दुनिया भर की प्रतिक्रियाएं

इस समझौते को दुनिया भर के देशों ने सराहा है। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और आवाजाही की आजादी लौटेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और Qatar ने इस डील को करवाने में मध्यस्थ के तौर पर अहम भूमिका निभाई। Turkey के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan ने भी इसे इलाके में शांति के लिए जरूरी कदम बताया।

  • यूरोपीय संघ: कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन ने एक साझा बयान जारी कर मध्यस्थों की तारीफ की और कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए।
  • जापान और ऑस्ट्रेलिया: जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने इस फैसले का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे तेल बाजार का दबाव कम होगा।
  • यूरोपीय आयोग: Ursula von der Leyen ने इस डील का स्वागत करते हुए इसे तेजी से लागू करने की बात कही।