अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा शांति समझौता हुआ है जिससे पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया कि Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया गया है और अब जहाजों का आना-जाना शुरू हो गया है। उन्होंने अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड को तुरंत हटाने का आदेश दिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर जानकारी दी कि ईरान के साथ डील पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि अब तेल और अन्य सामान ले जाने वाले जहाज बिना किसी टोल टैक्स के इस रास्ते से गुजर सकेंगे। ट्रंप ने दुनिया भर के जहाजों को इंजन शुरू करने और तेल की सप्लाई फिर से शुरू करने को कहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह रास्ता हमेशा के लिए टोल-फ्री रहेगा।
ईरान की तरफ से डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम गरीबबादी ने इस समझौते की पुष्टि की है। हालांकि, ईरान की एक खबर एजेंसी ‘Fars’ ने ट्रंप की बात से अलग दावा किया है। एजेंसी के अनुसार बिना फीस के रास्ता सिर्फ 60 दिनों की बातचीत के दौरान मिलेगा और उसके बाद ट्रांजिट चार्ज लगाया जा सकता है।
इस पूरी डील में पाकिस्तान और कतर ने अहम भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने बताया कि 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस समझौते (MOU) पर आधिकारिक तौर पर साइन होंगे। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देशों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और जल्द से जल्द इसे लागू करने को कहा है।
राजनीतिक समझौतों के बीच शिपिंग इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स अभी भी सावधानी बरत रहे हैं। BIMCO के चीफ सेफ्टी ऑफिसर जेकब लार्सन ने चेतावनी दी है कि समुद्र में अभी भी बारूदी सुरंगें (mines) हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जहाजों को तुरंत रास्ता पार करने के बजाय पहले सुरक्षा की पुष्टि कर लेनी चाहिए क्योंकि जोखिम अभी भी बना हुआ है।
वहीं इसराइल ने साफ कर दिया है कि वह इस डील का हिस्सा नहीं है। इसराइल के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि वे लेबनान से अपनी सेना वापस नहीं लेंगे और हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।
इस शांति समझौते की खबर आते ही ग्लोबल मार्केट में असर दिखा और कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 से 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।