अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक अमेरिका अपना अड़ियल रवैया और विरोधाभासी बयान देना बंद नहीं करता, तब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सकता। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है, जिसमें इस शांति समझौते पर आखिरी फैसला लिया जाना है।

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच का पूरा मामला?

दोनों देशों के बीच एक नाजुक संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के लिए 60 दिनों के समझौते यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर बातचीत चल रही है। इस समझौते के तहत मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • परमाणु हथियारों पर रोक: समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताएगा।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा, वहां से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा और 30 दिनों के भीतर बारूदी सुरंगें हटाई जाएंगी।
  • अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील: इसके बदले में अमेरिका ईरान के बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा और ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने के लिए प्रतिबंधों में ढील देगा।
  • मध्यस्थता: ओमान और पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

ईरानी नेताओं ने बातचीत को लेकर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी के साथ फोन पर बातचीत की और इस मामले पर चर्चा की। अराघची ने कहा कि ईरान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है और बातचीत में आगे बढ़ने के लिए अमेरिका का सकारात्मक रवैया जरूरी है। दूसरी तरफ, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी गारंटियों या वादों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी कदम तब तक नहीं उठाया जाएगा जब तक कि दूसरी तरफ से कार्रवाई नहीं की जाती। कलीबाफ ने यह भी कहा कि ईरान बातचीत से नहीं बल्कि मिसाइलों के दम पर अपनी बात मनवाता है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इमरजेंसी बैठक और अमेरिकी रुख

व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के वार्ताकारों ने 60 दिनों के संघर्षविराम के समझौते का मसौदा तैयार कर लिया है, जो राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के इंतजार में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 मई 2026 को इस शांति समझौते पर अंतिम फैसला लेने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि ईरान को यह बात माननी होगी कि वह कभी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा, तभी यह समझौता पूरा होगा। इसके साथ ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच किस बात को लेकर समझौता हो रहा है?

दोनों देशों के बीच 60 दिनों के संघर्षविराम को बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है, जिसके तहत ईरान परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमत हो सकता है, जबकि अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देगा।

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने क्या बयान दिया है?

कलीबाफ ने कहा कि उन्हें केवल मौखिक गारंटियों पर भरोसा नहीं है और जब तक अमेरिका ठोस कदम नहीं उठाता, ईरान कोई कदम नहीं उठाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.