अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ा शांति समझौता हुआ है। इस समझौते के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत का दूसरा चरण काफी आसान होने वाला है। हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान को कोई भी आर्थिक मदद या पैसा नहीं देने जा रहा है।

🗞️: Iran-US Deal: ईरान और अमेरिका के बीच 19 जून से होगी बातचीत, परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों पर दूसरे दौर में होगा फैसला

डोनाल्ड ट्रंप ने पैसे देने की खबरों को किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 16 जून 2026 को इस समझौते को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका की कोई जिम्मेदारी नहीं है कि वह ईरान में निवेश करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम ईरान में कोई पैसा नहीं लगा रहे हैं। इससे पहले रविवार, 15 जून 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस शांति समझौते को एक ऐतिहासिक कामयाबी बताया था, जिससे पश्चिम एशिया में शांति बहाल होगी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जा सकेगा।

स्विट्जरलैंड में होगा आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने भी इस शांति समझौते की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके बाद इस समझौते के दस्तावेज को दुनिया के सामने रखा जाएगा। इस ऐतिहासिक समारोह में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति J.D. Vance और ईरान की तरफ से मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf शामिल होंगे। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, जबकि कतर के अमीर ने भी G7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से इस विषय पर अहम चर्चा की थी।

शिपिंग के लिए खुलेगा रास्ता और हटेंगे प्रतिबंध

नए शांति समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बिना किसी टैक्स के टोल-फ्री हो सकेगी। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान को किसी भी तरह का आर्थिक लाभ मिलने से पहले अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। अमेरिकी सरकार के अनुसार, ईरान के बंदरगाहों पर लगा नौसैनिक प्रतिबंध शुक्रवार, 19 जून 2026 तक लागू रहेगा, जिसके बाद इसे हटा लिया जाएगा।