अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से चल रहा युद्ध अब खत्म हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि रविवार तक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. हालांकि ईरान ने इस समय सीमा को मानने से इनकार किया है, लेकिन उसने कहा है कि आने वाले दिनों में यह डील हो सकती है.
समझौते में क्या बातें शामिल हैं
इस डील के तहत सबसे पहले मौजूदा युद्धविराम (ceasefire) को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाएगा. इस समय का उपयोग ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए बातचीत करने में किया जाएगा. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है. इसके साथ ही हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा.
पाकिस्तान की मध्यस्थता और शर्तें
इस पूरे मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने जानकारी दी है कि शांति समझौते का आखिरी ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इस पर साइन हो सकते हैं. डील के मुताबिक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाएगा और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा. इसके बदले में ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल या सर्विस फीस नहीं लेनी होगी.
क्षेत्रीय तनाव और अन्य देशों का रुख
शांति वार्ता के बीच भी तनाव बना हुआ है. शुक्रवार और शनिवार को अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान के कई हमलावर ड्रोन्स को बीच में ही रोका. दूसरी ओर इसराइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने चेतावनी दी है कि इसराइल लेबनान, सीरिया और गाजा के कब्जे वाले इलाकों से पीछे नहीं हटेगा. वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है और सभी देशों से युद्धविराम का पालन करने को कहा है.