अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रही शांति बातचीत पर उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में चर्चा काफी अच्छी रही और अगर समझौता हो गया तो यह जंग जल्दी खत्म हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत फेल हुई तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो जाएगी।
अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
Donald Trump ने साफ किया है कि शांति के लिए ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद करना होगा। इसके साथ ही Strait of Hormuz को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोलने की मांग की गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान इन शर्तों को नहीं मानता है तो पहले से ज्यादा तीव्रता के साथ बमबारी शुरू होगी।
ईरान का क्या कहना है और बातचीत कैसे हो रही है?
ईरान ने कन्फर्म किया है कि वह अमेरिका के शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान अपना आधिकारिक जवाब पाकिस्तान के मध्यस्थों (mediators) के जरिए भेजेगा। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि प्रस्ताव के कुछ हिस्से उन्हें मंजूर नहीं हैं और अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ईरान ने अपनी पांच सूत्री प्रतिक्रिया में Strait of Hormuz पर अपनी संप्रभुता बनाए रखने की बात कही है।
कुवैत और UAE पर इस तनाव का क्या असर हुआ?
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका ने UAE और Kuwait को सैन्य बिक्री की मंजूरी 19 मार्च 2026 को दी थी। इससे पहले 2 अप्रैल 2026 को ईरान ने कुवैत के एयरपोर्ट पर हमला किया था, जिसके बाद 8 अप्रैल को Trump ने दो हफ्ते का युद्धविराम घोषित किया था। इस स्थिति की वजह से Gulf देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz के नियंत्रण को लेकर है, जिसे अमेरिका पूरी तरह खुलवाना चाहता है।
पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में क्या कर रहा है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है और दोनों देशों के संदेशों को एक-दूसरे तक पहुँचा रहा है।