अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खत्म हो सकता है। दोनों देशों के बीच एक ड्राफ्ट डील तैयार हो गई है जिस पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इस खबर के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब इस समझौते पर टिकी हैं कि आखिर इसमें क्या शर्तें होंगी।
क्या कहा ईरान और अमेरिका ने
ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 12 जून 2026 को बताया कि अमेरिका के साथ डील अब बहुत करीब है और आने वाले दिनों में इस पर साइन हो सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि यह साइनिंग रिमोटली यानी दूर से होगी। उन्होंने मीडिया से अपील की कि जब तक समझौता पूरी तरह फाइनल न हो जाए, तब तक अटकलें न लगाएं। उन्होंने यह भी बताया कि परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) इस शुरुआती बातचीत का हिस्सा नहीं है, उस पर बाद में चर्चा होगी।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस खबर को सकारात्मक बताया है। हालांकि, उन्होंने ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा बताई गई शर्तों को ‘फेक न्यूज’ कहा है। Trump ने संकेत दिया कि साइनिंग इस वीकेंड या सोमवार को यूरोप में हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन के एक बड़े अधिकारी ने भी बताया कि वे इस डील को लेकर 80 से 85 प्रतिशत आश्वस्त हैं।
पाकिस्तान और इजराइल की भूमिका
इस समझौते को कराने में पाकिस्तान ने अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने घोषणा की कि एक फाइनल टेक्स्ट तैयार हो गया है और अब अगले कदमों पर काम चल रहा है।
वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी इस पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति Trump के साथ इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए।
शर्तों को लेकर विवाद और मौजूदा स्थिति
डील की शर्तों को लेकर अभी भी खींचतान चल रही है। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि इस डील में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने और लेबनान सहित 60 दिनों के युद्धविराम जैसी शर्तें शामिल हैं। लेकिन डोनाल्ड Trump ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि अभी आंतरिक समीक्षा चल रही है और अंतिम फैसला होना बाकी है। इससे पहले 11 जून को राष्ट्रपति Trump ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को रोक दिया था, क्योंकि उनका मानना था कि युद्ध को खत्म करने का एक बड़ा रास्ता निकल आया है।
